जालौन: उरई में पारिवारिक कलह के बाद रिक्शा चालक ने खाया जहर, इलाज के दौरान तोड़ा दम; परिजनों में कोहराम

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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई स्थित जिला अस्पताल का बाहरी दृश्य, जहाँ जहरीला पदार्थ खाने के बाद रिक्शा चालक को इलाज के लिए लाया गया था।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन) : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला पुराना रामनगर में शराब की लत और उससे उपजे घरेलू विवाद के चलते एक 60 वर्षीय बुजुर्ग रिक्शा चालक ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

​शराब की लत बनी हंसते-खेलते परिवार की दुश्मन

​प्राप्त विवरण के अनुसार, पुराना रामनगर निवासी रामबाबू (60 वर्ष) पेशे से रिक्शा चालक थे और दिनभर मेहनत कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके तीन बेटे—संगीत, संदीप और रवि हैं, जो मजदूरी कर घर चलाने में सहयोग करते हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, रामबाबू लंबे समय से अत्यधिक शराब पीने के आदी थे। उनकी इस लत के कारण घर की आर्थिक स्थिति तो प्रभावित हो ही रही थी, साथ ही आए दिन घर में मानसिक अशांति और कलह का माहौल बना रहता था। परिवार वाले लगातार उन्हें शराब छोड़ने की मिन्नतें करते थे, लेकिन रामबाबू अपनी इस आदत से लाचार थे।

​रविवार सुबह पत्नी से हुआ था विवाद

​घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार की सुबह हमेशा की तरह रामबाबू ने अत्यधिक शराब पी रखी थी। सुबह-सुबह ही पति को नशे की हालत में देखकर पत्नी जानकी देवी का सब्र टूट गया और उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी कहासुनी हो गई। पत्नी से हुए इस विवाद से क्षुब्ध होकर रामबाबू गुस्से में घर से बाहर निकल गए।

​आरोप है कि घर से निकलने के बाद रामबाबू ने बाहर जाकर फिर से शराब का सेवन किया। इसी दौरान, अत्यधिक नशे और मानसिक तनाव की स्थिति में उन्होंने बाजार से कोई घातक जहरीला पदार्थ खरीद लिया और उसका सेवन कर लिया।

​घर लौटते ही बिगड़ी हालत, चूहा मारने वाली दवा खाने की बात स्वीकारी

​जहरीला पदार्थ खाने के कुछ देर बाद जब रामबाबू लड़खड़ाते हुए अपने घर वापस लौटे, तो उनकी हालत बेहद खराब थी। उन्हें लगातार उल्टियाँ हो रही थीं और वे बेहोशी की हालत में पहुँच रहे थे। रामबाबू की यह स्थिति देखकर पत्नी जानकी और घर के अन्य सदस्य घबरा गए।

​जब परिजनों ने उनसे सख्ती से पूछताछ की, तो रामबाबू ने भारी आवाज में स्वीकार किया कि उन्होंने गुस्से और अवसाद में आकर चूहा मारने वाली घातक दवा खा ली है। यह सुनते ही घर में हड़कंप मच गया। पत्नी जानकी ने तुरंत चीख-पुकार मचाते हुए अपने तीनों बेटों को मौके पर बुलाया।

​अस्पताल में इलाज के दौरान थमीं सांसें

​तबीयत तेजी से बिगड़ती देख तीनों बेटे आनन-फानन में अपने पिता को लेकर जिला अस्पताल उरई भागे। जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, जहर रामबाबू के शरीर में पूरी तरह फैल चुका था, जिसके कारण उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

​परिजनों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद रामबाबू को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रामबाबू की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में ही पत्नी और बेटों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चीख-पुकार सुनकर अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों की आँखें भी नम हो गईं।

​पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जाँच जारी

​अस्पताल प्रशासन की सूचना पर उरई कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और उसे अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।

उरई कोतवाली पुलिस का आधिकारिक वक्तव्य:

“प्रथम दृष्टया मामला अत्यधिक शराब के सेवन और घरेलू कलह के कारण आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों और जहर के प्रकार की पुष्टि हो सकेगी। परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

​इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर समाज में अत्यधिक नशाखोरी के दुष्परिणामों और उसके कारण बिखरते परिवारों के गंभीर मुद्दे को सामने ला दिया है। स्थानीय मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध और दुखी हैं।

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