जालौन: कदौरा ब्लॉक कार्यालय में खूनी संघर्ष; मनरेगा पटल पर कंप्यूटर ऑपरेटर ने रोजगार सेवक का सिर फोड़ा, भ्रष्टाचार के आरोप

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कदौरा विकास खंड कार्यालय में मनरेगा पटल पर घायल ग्राम रोजगार सेवक ब्रजेन्द्र कुमार, जिनके सिर पर पट्टी बंधी है और पृष्ठभूमि में पुलिस बल व ब्लॉक कर्मचारी मौजूद हैं।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कदौरा ( जालौन) :उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कदौरा विकास खंड कार्यालय से सोमवार को एक बेहद शर्मनाक और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाला मामला सामने आया है। ब्लॉक परिसर स्थित मनरेगा पटल पर एक मामूली बात से शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि दफ्तर के भीतर ही खूनी संघर्ष हो गया। आरोप है कि मनरेगा पटल पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने एक ग्राम रोजगार सेवक पर जानलेवा हमला करते हुए सरकारी कार्यालय की कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर से प्रहार कर दिया। इस हिंसक झड़प में रोजगार सेवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद से पूरे ब्लॉक परिसर में हड़कंप मचा हुआ है और कर्मचारी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आईडी फॉरवर्ड करने और ‘सुविधा शुल्क’ को लेकर हुआ विवाद

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को ग्राम पंचायत कानाखेड़ा के ग्राम रोजगार सेवक ब्रजेन्द्र कुमार मनरेगा कार्यों से संबंधित आईडी को आगे (फॉरवर्ड) कराने के लिए ब्लॉक कार्यालय के मनरेगा पटल पर आए थे। वहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर जागेश कुमार और ब्रजेन्द्र कुमार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस ने उग्र रूप ले लिया।

​घायल रोजगार सेवक ब्रजेन्द्र कुमार का गंभीर आरोप है कि मनरेगा कार्यों की फाइलों को नियमानुसार आगे बढ़ाने के बदले उनसे लंबे समय से ‘सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) की मांग की जा रही थी। ब्रजेन्द्र के मुताबिक, वे पिछले कई दिनों से बिना किसी वजह के कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर थे। जब उन्होंने आज इस मनमानेपन और कमीशनखोरी का विरोध किया, तो कंप्यूटर ऑपरेटर जागेश कुमार आपा खो बैठे और उन्होंने दफ्तर में रखी सरकारी कुर्सी और भारी-भरकम कंप्यूटर मॉनिटर उठाकर उनके सिर पर दे मारा।

ब्लॉक परिसर में मची अफरा-तफरी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

​सरकारी दफ्तर के भीतर चीख-पुकार और भारी आवाज सुनकर ब्लॉक परिसर में मौजूद अन्य कर्मचारियों, ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी परमेंद्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

​पुलिस ने खून से लथपथ घायल रोजगार सेवक ब्रजेन्द्र कुमार को तुरंत हिरासत से निकालकर एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर के घाव पर टांके लगाए और प्राथमिक उपचार किया। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया है ताकि चोटों की कानूनी प्रकृति स्पष्ट हो सके।

सीसीटीवी कैमरों को लेकर रहस्यमय मोड़, भ्रष्टाचार की चर्चाएं तेज

​इस पूरी वारदात के बाद ब्लॉक मुख्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और बाबूशाही की कमीशनखोरी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। पीड़ित रोजगार सेवक ब्रजेन्द्र कुमार ने पुरजोर दावा किया है कि यह पूरी हिंसक घटना और उससे ठीक पहले की बातचीत कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ तौर पर कैद हुई है, जो कि घटना का सबसे बड़ा सबूत है।

बीडीओ का बयान: दूसरी ओर, जब इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (BDO) से सीसीटीवी फुटेज के जरिए सच्चाई का पता लगाने की बात कही गई, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे पिछले कुछ समय से खराब पड़े हैं। अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के बाद मामले में लीपापोती की आशंका भी जताई जा रही है और ग्रामीणों में आक्रोश है।

पुलिसिया जांच और कार्रवाई का आश्वासन

​सरकारी कार्यस्थल पर हुई इस गुंडागर्दी और मारपीट को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ब्लॉक परिसर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

​थाना प्रभारी परमेंद्र कुमार सिंह ने मीडिया को दिए अपने आधिकारिक बयान में बताया:

“कदौरा ब्लॉक कार्यालय में दो कर्मचारियों के बीच मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल को इलाज के लिए भिजवाया। वर्तमान में दोनों पक्षों की ओर से लिखित तहरीर (शिकायत पत्र) प्राप्त हो चुकी है। पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। सरकारी दफ्तर में इस तरह का हिंसक कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

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