जालौन में दर्दनाक हादसा: कुठौंद के ततारपुर गांव में तालाब के गहरे गड्ढे में डूबने से 13 वर्षीय किशोर की मौत, परिवार में कोहराम

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जालौन के कुठौंद क्षेत्र के ततारपुर गांव का वह तालाब जहां 13 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हुई और मौके पर सांत्वना देते ग्रामीण।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। जनपद के कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम ततारपुर से एक बेहद ह्रदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ बुधवार को एक 13 वर्षीय मासूम किशोर की तालाब में डूबने से असामयिक मृत्यु हो गई। इस दुखद हादसे के बाद से जहाँ पीड़ित परिवार में चीख-पुकार मची हुई है, वहीं पूरे गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है और मातमी सन्नाटा छाया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं।

घूमने के दौरान गहरे गड्ढे की चपेट में आया मासूम

​प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम ततारपुर का निवासी रौनक (13 वर्ष), जो कि देवेंद्र कुमार का पुत्र था, बुधवार को रोजाना की तरह गाँव के ही एक स्थानीय तालाब के पास टहलने और घूमने के लिए गया था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, तालाब के किनारे चलते-चलते रौनक का पैर अचानक फिसल गया या वह अनजाने में तालाब के भीतर बने एक अत्यधिक गहरे गड्ढे की ओर चला गया। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण किशोर खुद को संभाल नहीं पाया और तेजी से पानी में डूबने लगा।

​चूंकि घटना के वक्त मौके पर तुरंत कोई बड़ा व्यक्ति मौजूद नहीं था, इसलिए जब तक आसपास के खेतों और रास्तों पर मौजूद ग्रामीणों को इस बात की भनक लगती या चीख-पुकार सुनाई देती, तब तक मासूम रौनक गहरे पानी के भीतर समा चुका था और पूरी तरह से ओझल हो गया था।

ग्रामीणों की भारी मशक्कत और अस्पताल में डॉक्टरों की घोषणा

​जैसे ही यह खबर गाँव में फैली कि देवेंद्र का बेटा तालाब में डूब गया है, पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पीड़ित परिजन और दर्जनों की संख्या में ग्रामीण दौड़ते हुए तालाब की ओर भागे। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए पानी में उतरकर किशोर की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी देर तक पानी की खाक छानने और भारी मशक्कत करने के बाद आखिरकार ग्रामीणों ने रौनक को पानी के गहरे मलबे और गड्ढे से बाहर निकाला।

​उस समय किशोर की सांसें बेहद कमजोर चल रही थीं। बदहवास परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल इलाज के लिए बिना कोई समय गंवाए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जालौन ले गए। अस्पताल पहुंचते ही आपातकालीन वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने तत्परता दिखाते हुए किशोर का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया। परंतु, दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया और कहा कि अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिसिया कार्रवाई जारी

​होनहार और मासूम रौनक की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर से लेकर ततारपुर गाँव तक कोहराम मच गया। मृत किशोर के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है; वे इस असहनीय क्षति के कारण गहरे सदमे और अवसाद में चले गए हैं। गाँव की महिलाओं और बुजुर्गों द्वारा पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इकलौते चिराग के बुझ जाने का गम पूरे गाँव को साल रहा है।

​इधर, अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कुठौंद थाना पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव का पंचनामा भरकर उसे अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि यह घटना पूरी तरह से एक दुर्घटना प्रतीत होती है, फिर भी पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण अंचलों में बने ऐसे असुरक्षित तालाबों को लेकर अब ग्रामीणों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग भी उठने लगी है।

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