जालौन में ‘खाकी’ की संदिग्ध भूमिका: घर में घुसकर महिलाओं से दबंगों ने की मारपीट, सीसीटीवी में कैद हुई बर्बरता

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जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के शांति नगर में घर में घुसकर दबंगों द्वारा की गई मारपीट की घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद, जिसे जांच के लिए पुलिस को सौंपा गया।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए दबंगों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांति नगर मोहल्ले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल स्थानीय निवासियों को दहला दिया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कुछ दबंगों ने घर में घुसकर न केवल महिलाओं के साथ मारपीट की, बल्कि उनके साथ अभद्रता की सारी हदें पार कर दीं।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, शांति नगर में कुछ दबंग किस्म के लोगों ने एक घर को निशाना बनाया। बिना किसी डर के ये अपराधी घर के भीतर घुस गए और वहां मौजूद महिलाओं पर हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट भी की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावर काफी देर तक घर में उत्पाद मचाते रहे और धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।

सीसीटीवी में कैद हुई दबंगई

​इस पूरी घटना का सबसे महत्वपूर्ण सबूत वह सीसीटीवी फुटेज है जो मौके पर लगे कैमरों में कैद हो गया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार दबंग बेखौफ होकर घर में घुस रहे हैं और महिलाओं के साथ हिंसक व्यवहार कर रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित परिवार ने इसी फुटेज को आधार बनाकर न्याय की गुहार लगाई है।

पुलिस पर लगा पीड़ित को ही डराने का आरोप

​इस घटना का सबसे चिंताजनक पहलू पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोप हैं। परिवार का कहना है कि जब वे शिकायत लेकर संबंधित थाने पहुंचे, तो वहां दबंगों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पीड़ित पक्ष को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पीड़ितों को ही धमकाया और उल्टा उनका ही चालान काटने की धमकी दी। इस रवैये ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिया है।

पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार

​स्थानीय पुलिस की कार्यशैली से निराश होकर पीड़ित परिवार ने अब पुलिस अधीक्षक (SP) जालौन से संपर्क किया है। परिवार ने एसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में पूरी घटना का विवरण दिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने घटना के समय पीड़ित पक्ष के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की भी मांग की है।

​फिलहाल, जिले के आला अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या इस ‘दबंगई’ के खिलाफ पुलिस कोई ठोस कार्रवाई करती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। यह घटना निश्चित रूप से महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

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