जालौन में खाकी शर्मसार: कोंच तहसील परिसर में तहसीलदार की सुरक्षा में तैनात होमगार्डों ने मानसिक रूप से कमजोर युवक को बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन) : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के कोंच तहसील परिसर में कानून के रखवालों ने ही कानून की धज्जियां उड़ाते हुए एक मानसिक रूप से कमजोर युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। तहसीलदार की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के जवानों द्वारा युवक को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटने की यह पूरी घटना मीडिया के कैमरों में कैद हो गई है। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तहसील परिसर बना अखाड़ा, मूकदर्शक बने रहे लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जालौन के कोंच तहसील परिसर का है। बताया जा रहा है कि पीड़ित युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है और वह तहसील परिसर में मौजूद था। इसी दौरान किसी बात को लेकर तहसीलदार की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के जवानों की उससे बहस हो गई। देखते ही देखते होमगार्ड के जवानों ने अपनी वर्दी के रौब में आकर मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघ दीं।
जवानों ने युवक को जबरन जमीन पर पटक दिया और उस पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। युवक जमीन पर गिरा रहा और खुद को बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन वर्दीधारियों का दिल नहीं पसीजा। इस दौरान परिसर में कई लोग मौजूद थे, लेकिन खाकी के खौफ के आगे कोई भी उस बेबस युवक को बचाने आगे नहीं आया।
कैमरे में कैद हुई ‘खाकी की गुंडई’
इस पूरी शर्मनाक वारदात की तस्वीरें और वीडियो मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों के कैमरों में कैद हो गईं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह सुरक्षा के जिम्मेदार ही एक असहाय और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति पर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। जिस परिसर में आम जनता को न्याय की उम्मीद होती है, वहीं पर सरेआम इस तरह की बर्बरता ने प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
मानसिक विक्षिप्तता के बावजूद नहीं दिखाई हमदर्दी
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह अक्सर क्षेत्र में घूमता रहता है। ऐसे में कानूनगो या सुरक्षाकर्मियों का यह दायित्व था कि वे उसके साथ संवेदनशीलता से पेश आते या उसे सुरक्षित स्थान पर भेजते। इसके विपरीत, रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आए। मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति पर इस कदर लात-घूंसे चलाना न सिर्फ मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है, बल्कि पुलिस और होमगार्ड विभाग की छवि पर भी एक गहरा धब्बा है।
प्रशासनिक अमले में हड़कंप, कार्रवाई की मांग तेज
घटना का वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर प्रसारित होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षाकर्मी ही इस तरह सरेआम गुंडई पर उतर आएंगे, तो आम नागरिक खुद को कहाँ सुरक्षित महसूस करेगा?
नोट: इस मामले में अब देखना यह होगा कि जालौन जिला प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारी इन दोषी होमगार्ड जवानों के खिलाफ क्या कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं, ताकि भविष्य में खाकी की आड़ में ऐसी गुंडई की पुनरावृत्ति न हो सके।






