जालौन: महेवा ब्लॉक में रोजगार सेवकों का फूटा गुस्सा, BDO के खिलाफ मोर्चा खोलकर शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: जनपद की कालपी तहसील अंतर्गत आने वाले महेवा विकासखंड परिसर में आज उस समय माहौल गरमा गया, जब दर्जनों रोजगार सेवकों ने एकजुट होकर खंड विकास अधिकारी (BDO) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अपनी विभिन्न मांगों और लंबे समय से हो रहे कथित उत्पीड़न के विरोध में रोजगार सेवकों ने ब्लॉक परिसर में डेरा डाल दिया है। इस विरोध प्रदर्शन में अब ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों का समर्थन भी मिलने लगा है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप
धरने पर बैठे रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार का सामना कर रहे हैं। रोजगार सेवकों का आरोप है कि उन्हें कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण नहीं मिल रहा है, जिसके कारण उनके काम करने की क्षमता प्रभावित हो रही है। रोजगार सेवक दलवीर सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “हमें लगातार दबाने का प्रयास किया जा रहा है और हमारी जायज मांगों को अनसुना किया जा रहा है। यह उत्पीड़न अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मानदेय भुगतान में लेटलतीफी से आर्थिक संकट
रोजगार सेवकों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि आर्थिक तंगी उनकी सबसे बड़ी समस्या बन गई है। उनके मानदेय का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। दूसरे रोजगार सेवक उमेश कुशवाहा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कई महीनों से लंबित मानदेय और अन्य वित्तीय सुविधाओं के अभाव में कर्मचारी आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते उन्हें मजबूरन धरने का रास्ता चुनना पड़ा।
ग्रामीणों और प्रधान प्रतिनिधियों का खुला समर्थन
इस धरने को तब और बल मिला जब स्थानीय ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और ग्रामीण भी रोजगार सेवकों के समर्थन में उतर आए। लोगों का कहना है कि रोजगार सेवक ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं और यदि उनकी समस्याएं हल नहीं हुईं, तो क्षेत्र के विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। भारी संख्या में ब्लॉक परिसर में जमा हुए लोगों ने नारेबाजी कर प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हालात को बिगड़ता देख और नारेबाजी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। फिलहाल, ब्लॉक परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के निस्तारण पर अड़े हुए हैं।
प्रशासन का रुख: आरोप निराधार
दूसरी ओर, इन आरोपों पर खंड विकास अधिकारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा कि काम में अनुशासन बनाए रखने के लिए जो भी कदम उठाए गए, वे विभागीय नियमों के दायरे में थे। बहरहाल, अब गेंद उच्च अधिकारियों के पाले में है। देखना यह है कि प्रशासन इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए क्या कदम उठाता है।






