जालौन: सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरी ‘आप’, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई, जालौन: देश भर में चर्चा का विषय बने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के आंदोलन को अब जालौन में भी समर्थन मिलने लगा है। सोमवार को उरई स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर जमकर नारेबाजी की।
जुलूस निकालकर जताया विरोध
प्रदर्शन की शुरुआत उरई नगर में एक जुलूस के साथ हुई। आम आदमी पार्टी के बैनर तले एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर शिक्षा सुधार और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने संबंधी नारे लिखे हुए थे। कार्यकर्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की गई है। ‘आप’ नेताओं ने इसे अलोकतांत्रिक करार देते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट विनय चौरसिया ने कड़े तेवर दिखाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, “देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से करोड़ों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। शिक्षा मंत्री अपनी जिम्मेदारी संभालने में पूरी तरह विफल रहे हैं, इसलिए उन्हें नैतिकता के आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”
क्या बोले जिला अध्यक्ष?
इस प्रदर्शन के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट विनय चौरसिया ने कहा:
”सोनम वांगचुक देश के युवाओं और पर्यावरण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार जिस तरह की दमनकारी नीति अपना रही है, वह बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम बेरोजगारी, पेपर लीक माफिया और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। सरकार को चेत जाना चाहिए और युवाओं की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार करना चाहिए।”
इस प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।






