कोंच में दांव पर लगी जिंदगी: अज्ञात वाहन की टक्कर से टूटा रेलवे क्रॉसिंग का बैरियर बना मौत का बुलावा

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जालौन के कोंच क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से टूटा हुआ रेलवे क्रॉसिंग का बैरियर और वहां से जोखिम उठाकर गुजरते वाहन चालक।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के कोंच कोतवाली क्षेत्र से एक बड़ी और लापरवाही भरी लापरवाही सामने आई है, जहां रेलवे क्रॉसिंग का बैरियर (फाटक) टूटने के बाद भी यातायात बदस्तूर जारी है। एक अज्ञात भारी वाहन की जोरदार टक्कर से रेलवे क्रॉसिंग का मुख्य बैरियर पूरी तरह टूट गया है। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी, वरना एक बड़ा और भीषण रेल हादसा पेश आ सकता था। हालांकि, बैरियर टूटने के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और जिम्मेदार विभागों की चुप्पी किसी बड़े खतरे को खुला बुलावा दे रही है।

कोंच कोतवाली क्षेत्र के रेलवे क्रॉसिंग का मामला

​यह पूरा मामला जालौन जिले के संवेदनशील और व्यस्त कोंच कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेलवे क्रॉसिंग का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात या किसी समय किसी अज्ञात वाहन ने रेलवे क्रॉसिंग के सुरक्षा फाटक (बैरियर) में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोहे का भारी-भरकम बैरियर या तो पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर टूट गया या फिर खतरनाक तरीके से बीच रास्ते में लटक गया। इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।

जान जोखिम में डालकर निकल रहे वाहन चालक

​सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि रेलवे क्रॉसिंग का फाटक क्षतिग्रस्त होने और सुरक्षा बैरियर के काम न करने के बावजूद, इस मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से जारी है। हालात यह हैं कि बेपरवाह ई-रिक्शा चालक, ऑटो चालक और बाइक सवार अपनी जान को हथेली पर रखकर टूटे हुए बैरियर के नीचे से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। कई दोपहिया वाहन चालक तो ट्रेन आने के अंदेशे के बावजूद पटरियों को पार करते नजर आ रहे हैं, जिससे कभी भी किसी गंभीर दुर्घटना के घटित होने की आशंका बनी हुई है।

रेलवे प्रशासन की उदासीनता और स्थानीय लोगों का रोष

​इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के घंटों बाद भी रेलवे विभाग या स्थानीय पुलिस का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मुआयना करने नहीं पहुंचा है। न तो टूटे हुए बैरियर को ठीक करने के लिए कोई तकनीकी टीम आई है और न ही यातायात को नियंत्रित करने के लिए वहां किसी गार्ड की तैनाती की गई है। इस तरह की ढिलाई प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाती है।

तत्काल मरम्मत और कड़ी सुरक्षा की मांग

​कोंच के स्थानीय निवासियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस टूटे हुए रेलवे बैरियर की तत्काल प्रभाव से मरम्मत कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे और स्थानीय प्रशासन की होगी। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने तक क्रॉसिंग पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाए।

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