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Public Issues Bareilly Uttar Pradesh

सुन्हा गांव में खुले टैंक ने ली 7 साल के मासूम की जान, 24 घंटे बाद भी नहीं ढका गया मौत का टैंक

सुन्हा गांव में निर्माणाधीन बारात घर का खुला पानी का टैंक, जिसमें गिरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हुई।

रिपोर्ट : तरुण कुमार बरेली

निर्माणाधीन बारात घर में खेलते समय पानी से भरे गहरे टैंक में गिरा बच्चा, परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

भुता(बरेली) : थाना भुता क्षेत्र के ग्राम सुन्हा में निर्माणाधीन बारात घर में बने खुले पानी के टैंक में गिरने से सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माणाधीन बारात घर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। हादसे के करीब 24 घंटे बाद भी गहरा टैंक खुला पड़ा होने से ग्रामीणों ने किसी और हादसे की आशंका जताई है।


मृतक की पहचान सुन्हा निवासी सुनील पुत्र हरदीप, उम्र सात वर्ष, के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब पांच बजे गांव के कुछ बच्चे निर्माणाधीन बारात घर में खेल रहे थे। सुनील भी अपने भाई गुरदीप के साथ वहां खेल रहा था। इसी दौरान खेलते समय वह बारात घर में बने शौचालय के पानी से भरे गहरे खुले टैंक में गिर गया।


सुनील के भाई गुरदीप ने शोर मचाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह गहरे टैंक से बच्चे को बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।


सूचना मिलने पर भुता पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सोमवार को बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों की ओर से बारात घर स्वामी के खिलाफ अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।


घटना की सूचना पर सोमवार को फरीदपुर की उप जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और निर्माणाधीन बारात घर का निरीक्षण किया। ग्रामीणों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन बारात घर घनी आबादी के बीच स्थित पाया गया।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारात घर के बाहर गेट लगा होता और पानी से भरे गहरे टैंक को सुरक्षित तरीके से ढका गया होता तो हादसा टल सकता था। ग्रामीणों के मुताबिक, बच्चे की मौत के 24 घंटे बाद भी टैंक खुला पड़ा है, जिससे वहां दोबारा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।

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