रिपोर्ट नवीन त्रिपाठी जिला संवाददाता अमेठी
जामो ब्लॉक में भगवान श्रीराम के त्याग और मर्यादा का हुआ सजीव मंचन, बृजेश सिंह निभा रहे हैं कई वर्षों से श्रीराम की भूमिका
अमेठी। जनपद के जामो ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा संभई में करीब 70 वर्षों से चली आ रही रामलीला की परंपरा आज भी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है। इसी क्रम में आयोजित रामलीला में भगवान श्रीराम के वन गमन का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम के त्याग, मर्यादा, आज्ञाकारिता और माता-पिता के प्रति सम्मान को दर्शाया गया। मंचन में दिखाया गया कि किस प्रकार भगवान श्रीराम ने माता-पिता के वचनों का सम्मान करते हुए बिना किसी विरोध के वन जाने का निर्णय लिया। इस प्रसंग के माध्यम से दर्शकों को वचन पालन, त्याग और आदर्श जीवन के मूल्यों का संदेश दिया गया।
रामलीला में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे बृजेश सिंह ने बताया कि वह कई वर्षों से इस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। उनके अनुसार, भगवान श्रीराम का किरदार निभाना केवल अभिनय नहीं, बल्कि आस्था और जिम्मेदारी का विषय है। वह श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करते हैं।
वहीं, उनके सहयोगी अनु सिंह ने कहा कि रामलीला के माध्यम से समाज में संस्कार, मर्यादा, भाईचारे और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। इससे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी मदद मिलती है।
कार्यक्रम का मंच संचालन कर रहे समाजसेवी रमेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करने वाली परंपरा है। संभई गांव में सात दशकों से इसका निरंतर आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के पूर्व डायरेक्टर डॉ. रामप्रताप सिंह, महंत आचार्य राघवेंद्र दास, पूर्व बीडीसी रामदयाल यादव, पत्रकार ओम नारायण मिश्रा, पत्रकार सौरभ श्रीवास्तव, अमरेंद्र सिंह, सत्यवान सिंह और चंद्रमौली सिंह सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने रामलीला के आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. राम पवन सिंह, शिव कुमार पांडे, धर्मेंद्र पांडे, रमेश विश्वकर्मा, लल्लन सिंह, रोहित चौरसिया, प्रवीण चौरसिया, अश्वनी चौरसिया, लकी सिंह, सुमित उपाध्याय, रामू शुक्ला, शेषनाथ शुक्ला, हर्षित सिंह, उत्तम सिंह और समस्त नवयुवक टीम का सहयोग रहा।
संभई गांव में सात दशकों से चली आ रही रामलीला की यह परंपरा आज भी लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ रही है। राम वन गमन के मंचन ने सत्य, मर्यादा, माता-पिता के सम्मान और कर्तव्य पालन का संदेश दिया।








