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Uttar Pradesh

पयागपुर में 10 अक्टूबर से सजेगा रामलीला का मंच, 65 साल पुरानी परंपरा बरकरार

पयागपुर के रूपगंज बाजार में रामलीला महोत्सव के लिए रात्रिकालीन रिहर्सल करते स्थानीय कलाकार

रिपोर्ट : राशिद अली ( बहराइच)

बहराइच की पयागपुर तहसील के रूपगंज बाजार में आयोजित होने वाले 65वें रामलीला महोत्सव को लेकर स्थानीय कलाकारों का रात्रिकालीन रिहर्सल जोरों पर है, जहां वे आधुनिक पहनावे में अभ्यास कर मंच पर पारंपरिक वेशभूषा में सनातन संस्कृति को जीवंत करेंगे।

बहराईच: आधुनिकता के दौर में पहनावे और मनोरंजन के तौर-तरीके तेजी से बदल रहे हैं, लेकिन बहराइच की पयागपुर तहसील में सनातन परंपरा पूरी भव्यता के साथ जीवंत नजर आ रही है। पयागपुर के रूपगंज बाजार में आगामी 10 अक्टूबर से शुरू होने वाले रामलीला महोत्सव को लेकर इन दिनों स्थानीय कलाकारों का रिहर्सल जोरों पर चल रहा है। प्रतिदिन रात के समय होने वाले इस अभ्यास को देखने के लिए आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट रही है।


​पयागपुर की इस रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बाहर से किसी कलाकार को नहीं बुलाया जाता, बल्कि क्षेत्र के स्थानीय लोग ही विभिन्न देवी-देवताओं और पात्रों की भूमिका निभाते हैं। आयोजन समिति के मुख्य सलाहकार आनंद बिहारी शुक्ला के अनुसार, यह रामलीला करीब 65 वर्ष पुरानी है जिसकी आधारशिला पयागपुर के राज परिवार ने रखी थी। तब से यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का अहम हिस्सा बना हुआ है।


​वर्तमान में रिहर्सल के दौरान कलाकार जींस-पैंट और टी-शर्ट जैसे आधुनिक पहनावे में संवाद और अभिनय का अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन मंच पर उतरते ही वे धोती-कुर्ता और पारंपरिक वेशभूषा में नजर आएंगे। आयोजकों का कहना है कि तकनीकी बदलावों के बावजूद आयोजन के मूल स्वरूप और सनातन परंपराओं से कोई समझौता नहीं किया गया है।


​रात्रिकालीन रिहर्सल सत्र के दौरान मंच संचालक उमेश तिवारी, व्यास गोविंद बिहारी शुक्ला, आनंद बिहारी शुक्ला, दानेंद्र शर्मा, हरेंद्र प्रताप सिंह, चंदन शर्मा और मयूर माहेश्वरी समेत तमाम कलाकार व समिति के सदस्य अपनी प्रस्तुतियां को धार देने में जुटे हैं।


​समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार के महोत्सव को और अधिक भव्य रूप दिया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों के सशक्त अभिनय के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रिहर्सल के दौरान उमड़ रही दर्शकों की भीड़ से साफ है कि क्षेत्रवासियों में इस धार्मिक आयोजन को लेकर भारी उत्साह है।

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