बागवानी से समृद्ध होंगे जालौन के अन्नदाता: डीएम ने मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

उरई(जालौन) : जनपद में किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक बागवानी को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में ‘मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना’ के अंतर्गत जिला औद्यानिक समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में बागवानी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की समीक्षा करना और आगामी लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना रहा।
विविध बागवानी फसलों के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्य
बैठक के दौरान जिला उद्यान अधिकारी ने योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इस वर्ष सरकार ने जनपद के लिए व्यापक लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिसमें फलों और सब्जियों की खेती पर विशेष जोर दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, पपीता, करौंदा, बेल, बेर, आंवला और कटहल जैसी बागवानी फसलों के क्षेत्रफल में 6 हेक्टेयर के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, संकर (हाइब्रिड) शाकभाजी के लिए 50 हेक्टेयर और प्याज की व्यावसायिक खेती के लिए भी 50 हेक्टेयर का क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है। किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 2800 रनिंग मीटर की तारबंदी (Fencing) का प्रावधान भी योजना में शामिल है।
आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे पर जोर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल खेती करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक का समावेश अनिवार्य है। इसी क्रम में शाकभाजी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 03 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मचान निर्माण की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, कीटों से फसलों के बचाव के लिए 02 ईको-फ्रेंडली लाइट ट्रैप की स्थापना का लक्ष्य भी अनुमोदित किया गया है, जो पर्यावरण अनुकूल खेती की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बैठक में समिति ने वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु प्रस्तावित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों को सर्वसम्मति से अपनी मंजूरी दे दी है।
“जमीनी स्तर तक पहुँचे योजनाओं का लाभ”: जिलाधिकारी
सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा, “बागवानी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यदि किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ फलों और सब्जियों के उत्पादन पर ध्यान दें, तो उनकी आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।” उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में जाकर किसानों को योजनाओं के प्रति जागरूक करें ताकि पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रह जाए।
5 फरवरी को लगेगा भव्य कृषक मेला: निःशुल्क बीजों का होगा वितरण
बैठक में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। उद्यान विभाग के कार्यालय परिसर में आगामी 05 फरवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे एक भव्य ‘कृषक मेले’ का आयोजन किया जाएगा। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें प्रतिभाग करने वाले किसानों को विभाग की ओर से निःशुल्क संकर शाकभाजी बीज वितरित किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से किसानों को नई तकनीक और उन्नत बीजों के बारे में जानकारी मिलेगी।
बैठक में प्रमुख अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के.के. सिंह ने भी योजनाओं के क्रियान्वयन पर अपनी राय रखी। साथ ही वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश सिंह, अनुज पालीवाल (डूडा), सुभाष द्विवेदी, कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक मो. मुस्तफा समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।






