बंद कमरे में खौफनाक अंत: जालौन में युवक ने मौत को लगाया गले, 7 दिन बाद दुर्गंध आने पर खुला राज

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कुठौंद(जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक 22 वर्षीय युवक ने अपने ही घर के भीतर पंखे के कुंडे से लटककर जीवन लीला समाप्त कर ली। चौंकाने वाली बात यह है कि युवक की मृत्यु के सात दिन बाद इस घटना का खुलासा हुआ, जब शव बुरी तरह सड़ चुका था और घर से असहनीय दुर्गंध आने लगी थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
भीतर था शव, बाहर बेखबर था गांव
प्राप्त विवरण के अनुसार, कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम नवासी निवासी नागेंद्र दोहरे उर्फ सुमित (22 वर्ष), पुत्र जगजीवन राम, नोएडा में मजदूरी कर अपने परिवार का हाथ बटाता था। वह 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में अपने पैतृक गांव आया था। ग्रामीणों ने बताया कि वह 16 अप्रैल तक गांव की गलियों में देखा गया, लेकिन उसके बाद वह अचानक ओझल हो गया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जिस घर को लोग बंद समझ रहे थे, उसके भीतर नागेंद्र का बेजान शरीर फंदे पर झूल रहा है।
दुर्गंध ने खोला राज: चाची के लौटते ही मचा हड़कंप
इस खौफनाक मंजर का खुलासा 24 अप्रैल को हुआ। मृतक की चाची, प्रीति देवी, जो कुछ दिनों से अपने मायके गई हुई थीं, जब वापस लौटीं तो उन्हें घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और घर के भीतर से तेज दुर्गंध आने लगी, तो उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत शोर मचाया और ग्राम प्रधान सहित पड़ोसियों को सूचित किया। मौके पर जमा हुई भीड़ ने जब खिड़की से झांककर देखा, तो उनके होश उड़ गए।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की सक्रियता
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा, जहां नागेंद्र का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पंखे के कुंडे से लटका मिला। विशेषज्ञों की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह केवल आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक साजिश। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
रिश्ता टूटने से अवसाद में था इकलौता बेटा
मृतक के परिजनों ने प्रारंभिक बातचीत में एक दुखद पहलू साझा किया है। मृतक के परिजन अवधेश के मुताबिक, कुछ समय पहले नागेंद्र के लिए शादी का एक रिश्ता आया था, लेकिन लड़की पक्ष ने उसे पसंद नहीं किया। इस बात ने नागेंद्र के मन पर गहरा आघात किया और वह तब से मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। माना जा रहा है कि इसी अवसाद (Depression) के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। नागेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बहनें हैं। घर के इकलौते चिराग के बुझ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मां-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
कुठौंद थाना प्रभारी जगदंबा प्रसाद दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों की पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने कहा, “हम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं। शव काफी पुराना होने के कारण प्रक्रिया में सावधानी बरती जा रही है।”
इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अकेलेपन के मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। फिलहाल, नवासी गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण इस दुखद अंत से स्तब्ध हैं।






