बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार बाइक ग्रिल से टकराई, किसान की मौके पर ही मौत; परिवार में छाया मातम

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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त बाइक और मौके पर मौजूद पुलिस बल का दृश्य, जालौन, उत्तर प्रदेश।

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद ही दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जनपद के गोहन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, और पूरे गांव में मातम का माहौल है। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

​घर से नदीगांव के लिए निकले थे किसान

​पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान जागेश उर्फ टिंकू (उम्र 40 वर्ष) के रूप में हुई है। जागेश मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड जिले के रावतपुरा सरकार, थाना एवं तहसील लहार के रहने वाले थे।

​घटना वाले दिन जागेश किसी आवश्यक कार्य से अपने घर से नदीगांव जाने की बात कहकर मोटरसाइकिल से निकले थे। सफर के दौरान जब वह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से गुजर रहे थे, तभी उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की ग्रिल से जोरदार तरीके से जा टकराई।

​टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही थम गईं सांसें

​प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर रफ्तार अधिक होने के कारण बाइक की टक्कर इतनी भयानक थी कि जागेश गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी सांसे थम गईं।

​हादसे की सूचना जैसे ही स्थानीय पुलिस को मिली, गोहन थाने की पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहन को किनारे कराया और मृतक के कागजातों व मोबाइल के आधार पर उनके परिजनों को इस मनहूस खबर की सूचना दी।

​खेती-किसानी से चलता था परिवार का गुजारा

​मृतक जागेश अपने परिवार के एकमात्र भरण-पोषण करने वाले सदस्य थे और खेती-किसानी कर अपने परिवार की आजीविका चलाते थे। उनकी आर्थिक स्थिति और मिलनसार स्वभाव के कारण पूरे क्षेत्र में उन्हें सम्मान की नजर से देखा जाता था।

​अचानक हुई इस अनहोनी की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव और घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों का रोना देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। गांव में शोक की ऐसी लहर दौड़ी है कि किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला।

​पुलिस की कार्रवाई और अपील

​इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मृतक के भतीजे ने बताया कि उनके चाचा घर से पूरी तरह स्वस्थ निकले थे और किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा।

​फिलहाल, गोहन थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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