जालौन: आटा टोल प्लाजा पर ‘अधिवक्ता’ लिखी गाड़ियों का हाईवोल्टेज ड्रामा; टैक्स मांगने पर कर्मियों से भिड़े सवार, जबरन बूम हटाकर निकाली तीन गाड़ियां

उरई (जालौन): जनपद जालौन के आटा टोल प्लाजा पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जब ‘अधिवक्ता’ लिखी चार लग्जरी गाड़ियों में सवार लोगों ने टोल टैक्स देने से साफ इनकार कर दिया। बात सिर्फ इनकार तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि टोल कर्मियों और गाड़ी सवारों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक और झड़प हुई। इस हंगामे के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा और अन्य वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
बारा टोल का हवाला देकर टैक्स देने से इनकार
मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय उरई की ओर से आ रही चार गाड़ियां, जिन पर ‘अधिवक्ता’ लिखा हुआ था, आटा टोल प्लाजा पर रुकीं। जैसे ही टोल कर्मियों ने नियमानुसार टोल टैक्स की मांग की, गाड़ियों में सवार लोग भड़क गए। उनका तर्क था कि वे ‘बारा टोल’ से जुड़े हुए हैं और इसी आधार पर उन्हें इस टोल प्लाजा पर भी शुल्क से मुक्ति मिलनी चाहिए। जब टोल कर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि बारा टोल का कार्ड या छूट यहाँ मान्य नहीं है, तो मामला गरमा गया।
बूम हटाकर जबरन घुसने का प्रयास और झड़प
कहासुनी देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झड़प में तब्दील हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान आवेश में आए एक व्यक्ति ने टोल बूम को जबरन हाथ से हटा दिया और गाड़ी निकालने का प्रयास किया। इस हरकत से टोल प्लाजा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद अन्य वाहन चालकों ने भी विरोध जताया, क्योंकि हंगामे के कारण गाड़ियों की लंबी कतार लग गई थी।
टोल मैनेजर की समझाइश रही बेअसर
घटना की सूचना मिलते ही टोल मैनेजर अंकेश श्रीवास्तव तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाड़ी सवारों को शांत कराने और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) के नियमों को समझाने का भरसक प्रयास किया। मैनेजर ने स्पष्ट किया कि बिना वैध छूट के कोई भी वाहन टोल फ्री नहीं निकल सकता। बावजूद इसके, गाड़ी सवार अपनी जिद पर अड़े रहे। काफी देर चले हंगामे के बाद चार में से तीन गाड़ियां जबरन टोल बैरियर पार कर निकल गईं, जबकि कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए चौथी गाड़ी को रोक लिया और उसे वापस मुड़वा दिया।
पुलिस की जांच और सुरक्षा पर सवाल
हंगामे की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक जबरन टोल पार करने वाले लोग वहां से जा चुके थे। पुलिस ने टोल कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही है। टोल मैनेजर अंकेश श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है ताकि इन गाड़ियों के नंबरों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
इस घटना के बाद टोल कर्मियों में असुरक्षा और रोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि आए दिन रसूखदार और रसूख का हवाला देने वाले लोग टोल पर बदसलूकी करते हैं, जिससे उनके काम करने में बाधा आती है। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।






