उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद अंतर्गत उरई रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने न केवल सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता को साबित किया, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और बहादुरी की एक नई मिसाल भी पेश की। यहाँ प्लेटफॉर्म पर तैनात एक आरपीएफ (RPF) जवान ने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक बुजुर्ग यात्री को तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आने से बचा लिया। यह पूरी रूह कंपा देने वाली घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर ‘बहादुरी की मिसाल’ के रूप में तेजी से प्रसारित हो रहा है।
मौत के ट्रैक पर 8 सेकंड का संघर्ष
मिली जानकारी के अनुसार, उरई शहर के मोहल्ला इकलासपुरा निवासी भगवान दास अपनी पत्नी के साथ दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। उन्हें दिल्ली में एक पारिवारिक रिश्तेदारी में लड़का देखने जाना था। यात्रा की जल्दबाजी और शॉर्टकट के चक्कर में भगवान दास ने रेलवे नियमों को ताक पर रखकर ट्रैक पार करने का फैसला किया। दुर्भाग्यवश, उसी समय एक तेज रफ्तार मालगाड़ी को ग्रीन सिग्नल मिल चुका था और वह प्लेटफॉर्म नंबर के करीब पहुंचने ही वाली थी।
भीमसेन त्रिपाठी: सतर्कता की मिसाल
जब भगवान दास ट्रैक के बीचों-बीच थे, तभी वहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ हेड कॉन्स्टेबल भीमसेन त्रिपाठी की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने देखा कि मालगाड़ी तेजी से उनकी ओर बढ़ रही है और बुजुर्ग यात्री घबराहट में फ्रीज हो गए हैं। बिना एक पल की देरी किए, भीमसेन ने चीते जैसी फुर्ती से दौड़ लगाई। महज 8 सेकंड के भीतर उन्होंने ट्रैक पर छलांग लगाई और भगवान दास को पकड़कर पूरी ताकत के साथ प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। उनके हटते ही पलक झपकते ही मालगाड़ी उस जगह से गरजती हुई गुजर गई।
सीसीटीवी में कैद हुआ ‘चमत्कार’
स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि यदि आरपीएफ जवान एक सेकंड की भी देरी करता, तो भगवान दास का बचना नामुमकिन था। प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्री इस दृश्य को देखकर दंग रह गए और सभी ने एक स्वर में जवान भीमसेन त्रिपाठी की जांबाजी की सराहना की। भगवान दास और उनके परिवार ने जवान के पैर पकड़कर उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद दिया और इसे अपना ‘दूसरा जन्म’ बताया।
“ऑपरेशन जीवन रक्षा” के तहत अपील
इस साहसिक कार्य पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर अभिषेक यादव ने कहा कि विभाग को हेड कॉन्स्टेबल भीमसेन त्रिपाठी की बहादुरी पर गर्व है। उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन जीवन रक्षा” का उद्देश्य यात्रियों की जान बचाना और उन्हें जागरूक करना है। उन्होंने एक बार फिर यात्रियों से करबद्ध अपील की कि वे कभी भी शॉर्टकट के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज (FOB), लिफ्ट और सबवे की सुविधा उपलब्ध है, यात्री सदैव उन्हीं का उपयोग करें। रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ट्रैक पार करना न केवल जानलेवा है, बल्कि कानूनी अपराध भी है, जिसके लिए जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।






