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जालौन में हृदय विदारक घटना: 12 साल पुरानी बीमारी से टूटी हिम्मत, 45 वर्षीय किसान ने दी जान

जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में गमगीन परिजन और अस्पताल के बाहर खड़ी पुलिस बल, पृष्ठभूमि में मृतक किसान अरविंद सिंह की फाइल फोटो

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के ग्राम लोना में एक मध्यम आयु वर्ग के किसान ने अपनी लंबी बीमारी से हार मानकर मौत को गले लगा लिया। 12 वर्षों के अनवरत शारीरिक कष्ट और मानसिक तनाव ने अंततः एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं। 45 वर्षीय किसान अरविंद सिंह द्वारा विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

​देर शाम घर में ही उठाया आत्मघाती कदम

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की देर शाम जब पूरा परिवार दैनिक कार्यों में व्यस्त था, तभी अरविंद सिंह ने घर के एकांत में किसी घातक विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। कुछ ही देर बाद जब उनकी स्थिति बिगड़ने लगी और वे छटपटाने लगे, तब परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। आनन-फानन में परिजन उन्हें उपचार के लिए स्थानीय मेडिकल कॉलेज ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन शरीर में जहर फैल जाने के कारण इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

​12 वर्षों का लंबा संघर्ष और मानसिक अवसाद

​मृतक के पुत्र अमन ने सिसकियों के बीच बताया कि उसके पिता पिछले 12 वर्षों से एक गंभीर और लाइलाज बीमारी से जूझ रहे थे। इस लंबी अवधि में परिवार ने उनके इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण अरविंद सिंह मानसिक रूप से काफी टूट चुके थे। बीमारी के कारण न केवल उनकी शारीरिक कार्यक्षमता प्रभावित हुई थी, बल्कि वे निरंतर रहने वाले दर्द और लाचारी से अवसाद (Depression) में चले गए थे। परिजनों का मानना है कि इसी शारीरिक असहनीय पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।

​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गाँव में मातम

​अरविंद सिंह की असामयिक मृत्यु के बाद उनकी पत्नी पूनम और वृद्ध पिता लल्ला सिंह की हालत देख हर किसी की आँखें नम हैं। घर में चीख-पुकार मची हुई है और सांत्वना देने पहुँचने वाले ग्रामीणों का भी तांता लगा हुआ है। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है, क्योंकि घर का मुख्य आधार स्तंभ अब उनके बीच नहीं रहा।

​पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

​घटना की सूचना मिलते ही सिरसाकलार थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस बल ने अस्पताल पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट रूप से बीमारी से तंग आकर की गई आत्महत्या का मामला लग रहा है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और विषाक्त पदार्थ की प्रकृति की पुष्टि हो सके।

​यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की आवश्यकता पर बड़े सवाल खड़े करती है, जहाँ एक किसान को बीमारी के आगे घुटने टेकने पड़े।

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