जालौन: असाध्य बीमारी के दंश से टूटी जीने की आस, कालपी के अधेड़ ने जंगल में फांसी लगाकर दी जान

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कालपी (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ वर्षों से गंभीर बीमारी और शारीरिक कष्ट झेल रहे एक व्यक्ति ने मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया। कालपी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इकौना क्षेत्र के जंगलों में एक अधेड़ का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और वैधानिक कार्रवाई शुरू की।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान ज्योति कमल गुप्ता (50 वर्ष), पुत्र श्रीधर गुप्ता, निवासी कालपी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ज्योति कमल पिछले कई वर्षों से एक गंभीर और लाइलाज बीमारी से ग्रसित थे। निरंतर इलाज के बावजूद स्वास्थ्य में सुधार न होने और शारीरिक पीड़ा के कारण वे गहरे मानसिक अवसाद (Depression) में चले गए थे। पिछले कुछ समय से वे इकौना क्षेत्र के जंगल में स्थित प्रसिद्ध ‘धनी बाबा के मंदिर’ के समीप निवास कर रहे थे।
गुरुवार की सुबह, जब स्थानीय लोग और राहगीर मंदिर के समीपवर्ती जंगल से गुजर रहे थे, तब उन्होंने एक व्यक्ति का शव पेड़ के फंदे से लटका हुआ देखा। प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और शव को नीचे उतारकर उसकी शिनाख्त करवाई। शिनाख्त होने के बाद मृतक के परिजनों को सूचित किया गया, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला बीमारी से परेशान होकर की गई आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इस बारे में पुलिस अभी जांच कर रही है।
बीमारी और मानसिक तनाव का घातक गठजोड़
स्थानीय सूत्रों और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, ज्योति कमल गुप्ता अपनी शारीरिक स्थिति को लेकर काफी निराश रहते थे। लंबी बीमारी ने न केवल उन्हें शारीरिक रूप से कमजोर कर दिया था, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी वह काफी टूट चुके थे। जानकारों का कहना है कि इसी निराशा ने उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक वक्तव्य
इस मामले पर जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया:
”शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक लंबे समय से बीमार थे और इसी कारण मानसिक तनाव में थे। हालांकि, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि मौत के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि की जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।”
क्षेत्र में शोक की लहर
ज्योति कमल गुप्ता की इस तरह दुखद मृत्यु से कालपी और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। इस घटना ने एक बार फिर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य और उन्हें मिलने वाले सामाजिक व पारिवारिक सहयोग की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







