जालौन: उरई के गेस्ट हाउस में द्वारचार के दौरान खूनी संघर्ष; दूल्हा और पिता समेत कई बाराती घायल, मंडप में बैठी रही दुल्हन

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जालौन के उरई स्थित अष्टिका गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी पुलिस और घायल बाराती, जहाँ शादी समारोह के दौरान द्वारचार की रस्म में हिंसा हुई।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): जनपद के उरई शहर स्थित करमेर रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक खुशियों भरे शादी समारोह के बीच अचानक हिंसा भड़क उठी। अष्टिका गेस्ट हाउस में आयोजित इस वैवाहिक कार्यक्रम में द्वारचार की रस्म के दौरान दबंगों ने दूल्हा पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दूल्हा, उसके वृद्ध पिता और भाई सहित आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित दूल्हा पक्ष ने शादी की रस्में रोक दीं, जिससे पूरी रात तनाव की स्थिति बनी रही।

अचानक हुए हमले से सहम गए बाराती

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिरही निवासी प्रदीप कुमार पाल के भाई की शादी उरई के अष्टिका गेस्ट हाउस में संपन्न हो रही थी। रात के समय जब बारात चढ़ रही थी और द्वारचार की रस्म की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक 15 से 20 अज्ञात युवकों ने समारोह स्थल पर धावा बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बिना किसी संवाद के सीधे दूल्हा पक्ष के लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

​पीड़ित प्रदीप कुमार ने बताया कि हमलावरों ने सबसे पहले उनके पिता और दूल्हे के भाई को खींचकर पीटना शुरू किया। जब अन्य बाराती उन्हें बचाने आए, तो उन पर भी लाठी-डंडों से प्रहार किया गया। इस हिंसक झड़प में दूल्हे को भी चोटें आई हैं, जिससे विवाह की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

रिश्तेदारी में उपजे विवाद ने लिया हिंसक रूप

​दूल्हा पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि हमलावर कोई बाहरी नहीं, बल्कि दुल्हन पक्ष की बुआ के लड़के और उनके साथी थे। पीड़ितों ने पुलिस को दिए बयान में अवधेश, मलखान, संतोष, संदीप, काशीराम, लालू और मुन्ना जैसे नामजद आरोपियों का उल्लेख किया है। प्रदीप पाल के मुताबिक, तिलक समारोह के दौरान केवल बारात में रिश्तेदारों के लिए उचित और सम्मानजनक व्यवस्था की बात कही गई थी। इसी मामूली बात को लेकर आरोपी पक्ष रंजिश मान बैठा और शादी के मुख्य कार्यक्रम में योजनाबद्ध तरीके से हमला कर दिया।

रात भर रुका रहा विवाह, सुबह संपन्न हुई रस्में

​इस हिंसक घटना के बाद माहौल इतना बिगड़ गया कि दूल्हा पक्ष ने तत्काल प्रभाव से शादी की रस्में रोकने का निर्णय लिया। दूल्हे पक्ष की मांग थी कि जब तक घायलों का समुचित उपचार नहीं होता और हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं की जाती, तब तक वे विवाह संपन्न नहीं करेंगे। इस हंगामे के बीच दुल्हन पूरी रात मंडप में बैठी रही और शादी का इंतजार करती रही। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय संभ्रांत लोगों और पुलिस ने मध्यस्थता की, जिसके बाद काफी समझाने-बुझाने पर सुबह के समय विवाह की रस्में पूरी की गईं।

पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक जुड़ाव

​घटना की सूचना मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। दिलचस्प बात यह है कि जिस अष्टिका गेस्ट हाउस में यह पूरी घटना घटी, वह समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत से संबद्ध बताया जा रहा है, जिसके चलते यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

​कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर प्राप्त हो गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन इस घटना ने वैवाहिक समारोहों में सुरक्षा और रंजिशों के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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