मिशन शक्ति 5.0: कुठौंद थाने में गूंजा ‘नारी शक्ति’ का जयघोष; कन्या भोज के जरिए पुलिस ने दिया सुरक्षा और सम्मान का संदेश

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कुठौंद, जालौन (उत्तर प्रदेश): भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का रूप माना गया है, और इसी शक्ति के सम्मान व सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का ‘मिशन शक्ति’ अभियान निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में, रविवार को जालौन के कुठौंद थाना परिसर में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत एक भव्य ‘कन्या भोज’ और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन के कुशल निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना रहा।
संस्कृति और सेवा का संगम: पुलिसकर्मियों ने धोए कन्याओं के चरण
कार्यक्रम का दृश्य अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी था, जब खाकी वर्दी धारी अधिकारियों ने पूरी श्रद्धा के साथ बालिकाओं का सत्कार किया। थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे ने भारतीय परंपराओं का निर्वहन करते हुए स्वयं बालिकाओं के चरण धोकर उनका अभिनंदन किया। इसके पश्चात, बालिकाओं को ससम्मान आसन पर बैठाकर उनका तिलक किया गया और माल्यार्पण कर उन्हें देवी स्वरूप सम्मान दिया गया।
थाना परिसर में आयोजित इस कन्या भोज में पुलिसकर्मियों ने स्वयं बालिकाओं को भोजन परोसा। भोजन के उपरांत सभी बालिकाओं को उपहार और दक्षिणा देकर विदा किया गया। पुलिस का यह मानवीय चेहरा देखकर उपस्थित अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
जागरूकता सत्र: ‘भयमुक्त’ होकर जिएं बेटियां
आयोजन केवल औपचारिक पूजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। मिशन शक्ति प्रभारी और उपनिरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए उन्हें सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
उन्होंने कहा, “बेटियों को कभी भी किसी विपरीत परिस्थिति में भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। समाज में अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना ही आपकी पहली शक्ति है।” उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित किया कि यदि उन्हें कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे या कोई स्थिति असहज लगे, तो वे तुरंत अपने माता-पिता या निकटतम पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
गुड टच-बैड टच और आत्मरक्षा के गुर
इस दौरान बालिकाओं को ‘गुड टच और बैड टच’ (सुखद और दुखद स्पर्श) के बारे में विस्तार से समझाया गया। उपनिरीक्षक त्रिपाठी ने सरल भाषा में बच्चों को बताया कि उनके शरीर पर उनका अपना अधिकार है और यदि कोई भी व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूने का प्रयास करता है, तो उन्हें चुप रहने के बजाय शोर मचाना चाहिए और विरोध दर्ज करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी साझा की, ताकि संकट के समय बालिकाएं बिना किसी हिचकिचाहट के सहायता मांग सकें।
प्रमुख उपस्थिति और सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के दौरान कुठौंद थाने का समस्त स्टाफ नारी सुरक्षा के संकल्प के साथ एकजुट नजर आया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक शीलवंत सिंह, उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार, उपनिरीक्षक शिव भूषण प्रजापति, उपनिरीक्षक छवि राम सहित मिशन शक्ति का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली मशीन नहीं है, बल्कि वह समाज की रक्षक और नारी सम्मान की प्रहरी भी है। कुठौंद पुलिस की इस पहल ने समाज को यह सोचने पर मजबूर किया है कि जब रक्षक ही कन्याओं के चरणों में शीश नवाकर उनके सम्मान की शपथ ले, तो समाज में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं बचेगा।







