राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: परिवहन विभाग ने चलाया ‘ऑपरेशन रिफ्लेक्टर’, नियमों के उल्लंघन पर 78 वाहनों के चालान

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कोहरे के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर वाहन चालकों को जागरूक करते अधिकारी।

उरई (जालौन): जनपद में ‘‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’’ के तहत सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। कोहरे के मौसम में दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए विभाग द्वारा जोल्हूपुर और इकलासपुरा चौराहे पर एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सुरेश कुमार ने किया।

कोहरे के मद्देनजर वाहनों पर लगाए गए रिफ्लेक्टर

​अभियान के दौरान प्रवर्तन टीम ने पाया कि कई भारी और हल्के वाहन बिना रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप के संचालित हो रहे थे। कोहरे के दौरान पीछे से आने वाले वाहनों को ऐसे वाहन दिखाई नहीं देते, जो भीषण हादसों का कारण बनते हैं। सुरेश कुमार और उनकी टीम ने स्वयं सक्रिय होकर ऐसे वाहनों पर मौके पर ही रिफ्लेक्टर टेप लगाए।

​वाहन चालकों को समझाया गया कि सर्दियों के मौसम में कोहरा एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में वाहन की चमक और रिफ्लेक्टर ही दूसरे चालकों को चेतावनी देने का काम करते हैं। विभाग द्वारा यातायात नियमों से संबंधित पम्फलेट भी वितरित किए गए, जिनमें सुरक्षित ड्राइविंग के गुर बताए गए थे।

नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई: 78 चालान

​जागरूकता के साथ-साथ परिवहन विभाग ने सख्त तेवर भी दिखाए। अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रवर्तन दल ने कड़ी कार्रवाई की।

  • हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट और कारों में बिना सीट बेल्ट पाए जाने पर मौके पर ही कार्रवाई की गई।
  • कुल चालान: अभियान के दौरान विभिन्न अभियोगों में कुल 78 वाहनों के चालान काटकर सख्त संदेश दिया गया।

सुरक्षित परिवहन के लिए विभाग की ‘एडवाइजरी’

​वरिष्ठ एआरटीओ सुरेश कुमार ने वाहन चालकों को संबोधित करते हुए सुरक्षित सफर के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

  1. नशा और मोबाइल: नशे की हालत में वाहन चलाना मौत को बुलावा देना है। साथ ही, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग ध्यान भटकाता है, जिससे बचें।
  2. गति सीमा और कोहरा: कोहरे में वाहन की गति अत्यंत कम रखें। यदि दृश्यता बहुत कम हो जाए, तो जोखिम न लें और वाहन को किसी सुरक्षित स्थान जैसे पेट्रोल पंप या ढाबे पर खड़ा कर दें।
  3. दस्तावेज और नंबर प्लेट: हमेशा वैध प्रपत्रों (डीएल, आरसी, बीमा) के साथ ही चलें और बिना नंबर प्लेट के वाहन का संचालन न करें।
  4. गलत दिशा: ओवर स्पीडिंग और गलत दिशा (Wrong Side) में ड्राइविंग करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि जानलेवा भी है।

निष्कर्ष

​परिवहन विभाग की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों के भीतर सड़क सुरक्षा की संस्कृति विकसित करना है। अधिकारियों ने अपील की कि सड़क सुरक्षा केवल एक माह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन भर का अनुशासन होना चाहिए। इस दौरान प्रवर्तन स्टाफ और स्थानीय पुलिस बल भी सहयोग के लिए मौजूद रहा।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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