तहसील परिसर के बाहर पलक झपकते स्कूटी से उड़ाए कैश, CCTV में कैद हुई दिनदहाड़े चोरी की पूरी वारदात
जालौन : सरकारी कार्यालयों और तहसील परिसरों को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन जालौन तहसील परिसर के बाहर हुई एक सनसनीखेज चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े एक युवती अपनी स्कूटी खड़ी कर फोटो कॉपी कराने गई थी। इसी दौरान एक शातिर चोर ने कुछ ही सेकंड में स्कूटी में रखा कैश निकाल लिया और मौके से फरार हो गया। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कुछ सेकंड में दिया वारदात को अंजाम
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, युवती तहसील परिसर के बाहर अपनी स्कूटी खड़ी कर आवश्यक दस्तावेजों की फोटो कॉपी कराने दुकान पर गई थी। इसी बीच पहले से मौके की निगरानी कर रहा एक संदिग्ध युवक स्कूटी के पास पहुंचा। उसने बेहद तेजी और चालाकी से स्कूटी में रखे नकदी वाले हिस्से को खंगाला और कैश निकालकर वहां से निकल गया। पूरी वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
CCTV फुटेज ने खोली चोर की करतूत
घटना के बाद जब युवती वापस लौटी तो स्कूटी से नकदी गायब मिली। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें संदिग्ध युवक चोरी करते हुए साफ दिखाई दे रहा है। यही वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तहसील परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
तहसील परिसर के बाहर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग जरूरी दस्तावेजों और सरकारी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर दिनदहाड़े चोरी की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होने लगें तो आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे।
पुलिस CCTV के आधार पर कर रही जांच
घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के तहसील परिसर के बाहर की बताई जा रही है। वायरल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस संदिग्ध की पहचान करने और उसकी तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी वाहन में नकदी या अन्य कीमती सामान छोड़ना भारी पड़ सकता है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपी स्थानीय है या किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ है। वहीं, स्थानीय नागरिकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि वायरल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है।






