विशेष रिपोर्ट: जालौन के कोंच में सट्टे का काला साम्राज्य, वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल

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जालौन के कोंच स्थित मियागंज इलाके की एक प्रतीकात्मक तस्वीर जहाँ अवैध सट्टे के संचालन का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसिया निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। जनपद के कोंच कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मियागंज इलाके में इन दिनों ‘किस्मत’ की आड़ में सट्टे का अवैध कारोबार अपनी जड़ें जमा चुका है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा आम है कि यहाँ प्रतिदिन लाखों-करोड़ों रुपये दांव पर लगाए जा रहे हैं। संगठित तरीके से फल-फूल रहे इस काले धंधे ने न केवल क्षेत्र की शांति भंग की है, बल्कि युवाओं के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस पूरे सिंडिकेट के संचालन के तरीकों को उजागर कर दिया है, जिसके बाद से स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली कटघरे में है।

मियागंज बना सट्टेबाजों का ‘सुरक्षित गढ़’

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोंच का मियागंज इलाका अवैध सट्टेबाजी का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है। सूत्रों का दावा है कि यहाँ सट्टे का कारोबार केवल गलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक मजबूत डिजिटल और भौतिक नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। सट्टे की इस दुनिया में छोटे दांव से लेकर बड़े दांव तक लगाए जा रहे हैं, जिसमें न केवल स्थानीय मजदूर वर्ग बल्कि संपन्न परिवारों के युवा भी फंसते जा रहे हैं। करोड़ों के इस लेन-देन ने इलाके में एक समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी कर दी है, जिसका नियंत्रण कुछ रसूखदार ‘सट्टा किंग’ के हाथों में बताया जा रहा है।

वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, पुलिस की भूमिका पर सवाल

​पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें सट्टे के अवैध संचालन के दृश्यों को साफ तौर पर देखा जा सकता है। वीडियो में लोग पर्चियां काटते और नकदी का हिसाब-किताब करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद कोंच पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध कारोबार बिना स्थानीय संरक्षण के संभव नहीं है। लोगों का कहना है कि पुलिस को बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस दबिश या गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? क्या यह पुलिस की अनभिज्ञता है या जानबूझकर की जा रही अनदेखी?

सामाजिक ताने-बारे पर गहराता संकट

​अवैध सट्टे के इस दलदल ने कई परिवारों को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया है। मियागंज और आसपास के निवासियों का कहना है कि इस कारोबार के कारण इलाके में आपराधिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया है। आर्थिक तंगी के चलते सट्टे में पैसा हारने वाले लोग चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर प्रवृत्त हो रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर अंकुश नहीं लगाया, तो यह समस्या एक बड़ी कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर सकती है।

प्रशासनिक चुप्पी और आगामी कार्रवाई की उम्मीद

​हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा नहीं की गई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी हुआ है। कोंच कोतवाली पुलिस वर्तमान में इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है। क्षेत्र की जनता अब जिला कप्तान (SP Jalaun) से उम्मीद लगाए बैठी है कि वे इस मामले का संज्ञान लेंगे और वायरल वीडियो के आधार पर गहन जांच सुनिश्चित करेंगे।

​स्थानीय लोगों की मांग है कि न केवल छोटे प्यादों को पकड़ा जाए, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले मुख्य सरगनाओं पर भी कठोर ‘गैंगस्टर एक्ट’ के तहत कार्रवाई की जाए, ताकि कोंच को इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराया जा सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस वायरल साक्ष्य को गंभीरता से लेता है या फिर सट्टे का यह काला कारोबार पहले की तरह ही निर्बाध रूप से जारी रहता है।

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