योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति: जालौन और बिजनौर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, गैंगस्टर अतीक अहमद की 168 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ओमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस सील

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
बिजनौर/जालौन। उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और अपराधियों के विरुद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत प्रशासनिक तंत्र का कड़ा प्रहार निरंतर जारी है। इसी कड़ी में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और माफियाओं के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करने के उद्देश्य से एक और अत्यंत बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई सामने आई है। बुधवार को जालौन और बिजनौर जिला प्रशासन तथा पुलिस बल ने एक संयुक्त और सुनियोजित महाभियान चलाकर गैंगस्टर एक्ट के कुख्यात आरोपी अतीक अहमद की 168 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को पूरी तरह से कुर्क कर लिया है। इसके साथ ही, बिजनौर जनपद के स्योहारा क्षेत्र में संचालित विवादित एवं अवैध ओमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस (मीट प्लांट) को भी प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में सील कर दिया गया है। इस औचक और वृहद कार्रवाई से पूरे जनपद और संबंधित सीमावर्ती क्षेत्रों के भू-माफियाओं तथा अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत हुई कठोर कार्रवाई
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, बुधवार को जालौन और बिजनौर के प्रशासनिक अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों तथा भारी पुलिस सुरक्षा बल ने ‘उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986’ की धारा 14 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह बड़ी कार्रवाई निष्पादित की। इस कुर्की अभियान का मुख्य निशाना बना गैंगस्टर अतीक अहमद (पुत्र मोहम्मद उमर), जो मूल रूप से बिजनौर जिले के थाना स्योहारा के अंतर्गत आने वाले कस्बा सहसपुर का निवासी है। जांच में यह भी तथ्य प्रकाश में आया है कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी वर्तमान समय में नई दिल्ली के संभ्रांत इलाके निजामुद्दीन वेस्ट में निवास कर रहा था और वहीं से अपनी संदिग्ध गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
अंतरजनपदीय संगठित अपराध और गोमांस तस्करी का नेटवर्क
पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय और स्थानीय पुलिस प्रशासन से प्राप्त इनपुट के अनुसार, आरोपी अतीक अहमद के विरुद्ध जालौन जनपद के थाना ऐट में गैंगस्टर एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत है। विवेचना और खुफिया जांच एजेंसियों की विस्तृत आख्या में यह पूरी तरह प्रमाणित हुआ कि आरोपी अतीक अहमद एक संगठित आपराधिक गिरोह का संचालन करता है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहा है। इस गिरोह के खिलाफ प्रतिबंधित गोमांस की तस्करी करने, शासन-प्रशासन को धोखा देकर फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी करने तथा समाज विरोधी गतिविधियों के माध्यम से अकूत अवैध धन अर्जित करने के संगीन आरोप दर्ज हैं।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में स्लॉटर हाउस सील
विवेचनात्मक साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने गोमांस तस्करी और जालसाजी की काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा वैध व्यापार के मुखौटे में छिपाने का प्रयास किया था। इसी अवैध धन का निवेश कर उसने बिजनौर के याकूबपुर क्षेत्र में व्यापक भूमि क्रय की और वहां ‘ओमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस’ नामक एक विशाल आधुनिक मीट प्लांट का निर्माण कराया था।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय जालौन द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में बुधवार को उप जिलाधिकारी (एसडीएम) स्मृति मिश्रा, क्षेत्राधिकारी (सीओ) अभय कुमार पांडे और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ याकूबपुर पहुंची। प्रशासनिक टीम ने स्लॉटर हाउस के मुख्य प्रवेश द्वार पर मुनादी करवाते हुए कुर्की का विधिक नोटिस चस्पा किया, तथा पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर सील कर दिया। पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा कराए गए वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक मूल्यांकन में इस भूमि, विशाल भवन और स्लॉटर हाउस की आधुनिक मशीनरी सहित कुल चल-अचल संपत्ति की कीमत लगभग 168 करोड़ 13 लाख 32 हजार 600 रुपये आंकी गई है।
विवादों और अवैध संचालन का पुराना इतिहास
उल्लेखनीय है कि सहसपुर-याकूबपुर मार्ग पर स्थित यह ओमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस क्षेत्र में लंबे समय से विवादों और अवैध गतिविधियों का केंद्र रहा है। स्थानीय नागरिकों द्वारा पूर्व में भी इसकी संदिग्ध कार्यप्रणाली और सामाजिक शांति भंग होने को लेकर शिकायतें दर्ज कराई जाती रही हैं। इससे पूर्व वर्ष 2018 में भी नियमों के गंभीर उल्लंघन, पर्यावरण मानकों की अनदेखी और अवैध संचालन के आरोपों के चलते प्रशासन द्वारा इस मीट प्लांट को पूरी तरह सील किया गया था। हालांकि, कानूनी दांव-पेंचों के सहारे यह पुनः सक्रिय होने का प्रयास कर रहा था, परंतु इस बार गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई इस निर्णायक चोट ने इसके आपराधिक वित्तीय ढांचे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना मुख्य लक्ष्य: एसपी विनय कुमार सिंह
इस ऐतिहासिक कुर्की अभियान के सफल संपादन पर जालौन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय कुमार सिंह ने कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जिले में सक्रिय किसी भी अपराधी या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, क्योंकि अवैध धन ही संगठित अपराध को पोषित करता है। अपराध और तस्करी के जरिए अर्जित की गई ऐसी अवैध संपत्तियों को समाज में किसी भी कीमत पर संरक्षण या मान्यता नहीं दी जाएगी। भविष्य में भी ऐसे सभी चिन्हित माफियाओं और गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर इससे भी अधिक कठोर, दंडात्मक और कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”






