​उरई: जालौन में धर्म परिवर्तन और लाखों की ठगी का सनसनीखेज मामला, मुस्लिम महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज

0
पीड़ित गोपी अहिरवार की पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत

उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से धर्मांतरण और आर्थिक शोषण की एक रूह कपा देने वाली वारदात सामने आई है। जहाँ एक दलित युवक को पहले आर्थिक रूप से खोखला किया गया और फिर डरा-धमकाकर उसका जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के कड़े रुख के बाद उरई कोतवाली पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

​मामला उरई कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़ित गोपी अहिरवार (पुत्र स्वर्गीय गोकुल अहिरवार), जो मूल रूप से कालपी तहसील के ग्राम मिनौरा का रहने वाला है और वर्तमान में उरई के बघौरा बाईपास के पास रह रहा है, उसने अपनी आपबीती पुलिस को सुनाई। गोपी के अनुसार, कालपी की रहने वाली और वर्तमान में फरीदाबाद (हरियाणा) में रह रही रेशमा पत्नी अहसान अली ने उसे अपने जाल में फंसाया।

​पीड़ित का आरोप है कि उसकी पैतृक दो बीघा जमीन करीब 10 लाख रुपये में बिकी थी। बंटवारे के बाद गोपी के हिस्से में 5 लाख रुपये आए थे। आरोपी रेशमा ने चालाकी और दबाव का सहारा लेकर गोपी की यह पूरी जमा-पूंजी हड़प ली।

खतना कराकर जबरन बनाया ‘मुस्लिम’

​आर्थिक रूप से लूटने के बाद आरोपी महिला का मन नहीं भरा। पीड़ित का आरोप है कि रेशमा ने उसे मौत का खौफ दिखाया और दबाव बनाकर उसका जबरन खतना करा दिया। गोपी अहिरवार को हिंदू से मुस्लिम धर्म अपनाने पर मजबूर किया गया। पीड़ित ने बताया कि वह डर के मारे लंबे समय तक मुस्लिम बनकर रहने को विवश रहा, क्योंकि उसे लगातार धमकी दी जा रही थी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया या दोबारा हिंदू धर्म अपनाया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

​गोपी ने स्पष्ट किया कि सरकारी दस्तावेजों में वह आज भी ‘गोपी अहिरवार’ ही है और वह अपने मूल हिंदू धर्म में ही रहना चाहता है। अपनी जान को खतरा बताते हुए उसने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और इंसाफ की गुहार लगाई।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: कई धाराओं में केस दर्ज

​मामले की गंभीरता और शासन की जीरो टॉलरेंस नीति को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। आरोपी महिला रेशमा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 351(3) (धमकाना) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कड़े कानून ‘विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021’ की धारा 3 और 5(1) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

तलाश में जुटी पुलिस की टीमें

​मुकदमा दर्ज होने के बाद उरई कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस की टीमें आरोपी महिला की संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला फिलहाल फरीदाबाद (हरियाणा) में रह रही है, जिसके लिए विशेष टीम भेजी जा सकती है। क्षेत्राधिकारी (CO) उरई ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

​यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, विशेषकर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

About The Author

Leave a Reply

You may have missed