जालौन: महाविद्यालय के हॉस्टल में महिला लिपिक ने लगाया फंदा, प्रेम विवाह के बाद अलग रहने से उपजा तनाव बना मौत का कारण?

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जालौन के पंडित परशुराम द्विवेदी महाविद्यालय के हॉस्टल रूम का दृश्य जहाँ पुलिस टीम जांच कर रही है

उरई (जालौन): जनपद के जगम्मनपुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पंडित परशुराम द्विवेदी महाविद्यालय में कार्यरत एक 27 वर्षीय महिला लिपिक का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका पाया गया। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर और स्थानीय क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलित कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

हॉस्टल के कमरे में फंदे से झूलता मिला शव

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान रेनू वर्मा (27) पत्नी प्रवीण कुमार वर्मा के रूप में हुई है, जो उरई की मूल निवासी थीं। रेनू पिछले कुछ समय से पंडित परशुराम द्विवेदी महाविद्यालय में क्लर्क के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। गुरुवार शाम करीब 7:40 बजे घटना का खुलासा तब हुआ जब एक छात्र रेनू के कमरे पर पहुँचा। बताया जा रहा है कि रेनू के पति प्रवीण ने ही छात्र को वहां जाकर देखने के लिए कहा था। जैसे ही छात्र ने दरवाजा खोला, अंदर का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई। रेनू का शव छत से लगे फंदे पर लटका हुआ था।

प्रेम विवाह और आपसी अलगाव की कहानी

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने शुरुआती जांच में पारिवारिक पृष्ठभूमि पर ध्यान केंद्रित किया है। मृतका रेनू और उनके पति प्रवीण कुमार वर्मा, जो कि एसकेडी पब्लिक स्कूल में शिक्षक हैं, का प्रेम विवाह हुआ था। हालांकि, बीते कुछ समय से दोनों के बीच अनबन की खबरें सामने आ रही थीं। करीब डेढ़ महीने से रेनू अपने पति से अलग महाविद्यालय के हॉस्टल में ही रह रही थीं, जबकि प्रवीण उरई में अपने चार वर्षीय पुत्र के साथ रह रहे थे। स्थानीय सूत्रों का मानना है कि वैवाहिक जीवन में आए इस बिखराव और अलगाव ने रेनू को मानसिक रूप से काफी आहत किया था।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा

​घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (CO) माधौगढ़ अंबुज यादव और रामपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक रजत कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल को सील कर दिया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह शुद्ध रूप से आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य संदिग्ध कारण छिपे हैं।

जांच के घेरे में आत्महत्या के कारण

​पुलिस अधिकारी अंबुज यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन सुसाइड नोट न मिलने के कारण मौत के सटीक कारणों पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, “शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद और परिजनों से पूछताछ के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

​इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। सबसे दुखद पहलू यह है कि दंपती का चार साल का मासूम बेटा अब अपनी माँ के साये से महरूम हो गया है। फिलहाल, पुलिस मृतका के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है ताकि अंतिम समय में उनकी किससे बात हुई थी, इसका पता लगाया जा सके।

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