जालौन में परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन: नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 15 बसों पर गिरी गाज, चालान और सीज की कार्रवाई से मचा हड़कंप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। जनपद में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क परिवहन नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए परिवहन विभाग ने एक बार फिर कमर कस ली है। जिलाधिकारी और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीम ने जनपद के विभिन्न मुख्य मार्गों और चौराहों पर एक विशेष और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस औचक कार्रवाई से डग्गामार और अवैध रूप से संचालित वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाली और परमिट की शर्तों का सरेआम उल्लंघन करने वाली 15 बसों के खिलाफ चालान और निरुद्धीकरण (सीज) की सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है।
एआरटीओ प्रवर्तन के नेतृत्व में हुई ताबड़तोड़ जांच
यह विशेष अभियान सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार के कुशल नेतृत्व में चलाया गया। परिवहन विभाग की टीम ने हाईवे और संपर्क मार्गों पर नाकाबंदी कर निजी व अनुबंधित बसों को रोककर उनके प्रपत्रों को खंगाला।
जांच के दौरान अधिकारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
- वाहनों के वैध परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र की जांच।
- वैध बीमा (Third Party Insurance) और अद्यतन कर (Tax) जमा रसीद।
- वाहनों का पंजीयन प्रमाणपत्र (RC) और चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस।
जांच के दौरान कई बसें ऐसी पाई गईं जो बिना वैध परमिट के रूट पर दौड़ रही थीं या फिर क्षमता से अधिक सवारियां भरकर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही थीं। ऐसी सभी 15 बसों को तत्काल चिन्हित कर उन पर नियमानुसार भारी जुर्माना लगाया गया और कई वाहनों को थाने में निरुद्ध कराया गया।
अधिकारियों की सख्त हिदायत: “सभी वाहन स्वामी अपने दस्तावेजों को समय रहते अद्यतन (Update) कर लें। सड़कों पर बिना फिटनेस और परमिट के दौड़ने वाले वाहनों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” — सुरेश कुमार, एआरटीओ (प्रवर्तन)
मानकों की अनदेखी पर परमिट निरस्त करने की चेतावनी
अभियान के दौरान प्रवर्तन अधिकारियों ने न केवल दंडात्मक कार्रवाई की, बल्कि वाहन स्वामियों और चालकों को कड़ी चेतावनी भी दी। एआरटीओ सुरेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बसों में निर्धारित सीट क्षमता से एक भी सवारी अधिक नहीं होनी चाहिए। ओवरलोडिंग के खिलाफ विभाग शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहा है।
इसके साथ ही, यात्रियों की आपातकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में फर्स्ट एड बॉक्स (प्राथमिक चिकित्सा किट), अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) और इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन द्वार) की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ किया कि यदि भविष्य में दोबारा यही लापरवाही पाई गई, तो संबंधित वाहन का परमिट स्थायी रूप से निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी।
यात्रियों ने फैसले का किया स्वागत, लगातार जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अवैध और डग्गामार वाहन ऑपरेटरों में पूरी तरह सतर्कता और खौफ का माहौल है। वहीं दूसरी ओर, आम यात्रियों ने विभाग के इस कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। दैनिक यात्रियों का कहना है कि निजी बस संचालक अक्सर चांदी काटने के चक्कर में ओवरलोडिंग करते हैं, जिससे हादसों का डर बना रहता है। इस तरह की चेकिंग से यात्रा सुरक्षित और सुगम बनेगी।
परिवहन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सड़क सुरक्षा और यात्री हितों की रक्षा के लिए यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा। रात के समय संचालित होने वाली बसों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।






