जालौन में ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता ने लगाई फांसी, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया

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जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र के पंडितपुर गांव में विवाहिता की आत्महत्या के बाद जांच करती पुलिस और रोते-बिलखते परिजन।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पंडितपुर में मंगलवार की सुबह एक विवाहिता ने अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका पिछले काफी समय से ससुराल पक्ष के कथित मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से परेशान होकर अपने दो मासूम बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। इस खौफनाक कदम के बाद जहां परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं दो छोटे बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम के साथ स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।

​वर्ष 2017 में हुई थी शादी, बाद में शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम पंडितपुर निवासी श्याम बिहारी दोहरे ने अपनी पुत्री प्रियंका (मृतका) का विवाह वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश के रहने वाले एक युवक के साथ बड़े ही धूमधाम और रीति-रिवाजों के साथ किया था। विवाह के शुरुआती कुछ महीनों तक सब कुछ सामान्य रहा और वैवाहिक जीवन सुखमय ढंग से चलता रहा। लेकिन परिजनों का आरोप है कि कुछ समय बीतने के बाद ही ससुराल पक्ष के लोगों का रवैया बदलने लगा। ससुरालियों द्वारा प्रियंका को छोटी-छोटी बातों पर ताना मारना, उसका मानसिक उत्पीड़न करना और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना आम बात हो गई थी।

​समझौते के सारे प्रयास रहे विफल, मायके में रहने को थी मजबूर

​परिजनों द्वारा लगाए गए संगीन आरोपों के अनुसार, ससुराल पक्ष की लगातार बढ़ती प्रताड़ना और अपमान से तंग आकर प्रियंका अपने दो बच्चों को लेकर मायके (पंडितपुर) आकर रहने लगी थी। इस दौरान प्रियंका और उसके परिवार ने मामले को सुलझाने और घर बसाने का कई बार प्रयास किया। प्रियंका खुद भी अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए कई बार ससुराल गई और परिवार के साथ रहने की इच्छा जताई, लेकिन कथित तौर पर ससुराल पक्ष का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने प्रियंका को घर के भीतर प्रवेश तक नहीं करने दिया। बार-बार मिलने वाले इस तिरस्कार और सामाजिक अपमान ने प्रियंका को गहरे मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में धकेल दिया।

​दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी लाश, मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

​लगातार मिल रहे मानसिक तनाव, भविष्य की चिंता और ससुराल पक्ष के अड़ियल रवैये से आहत होकर मंगलवार सुबह प्रियंका ने आत्मघाती कदम उठा लिया। जब घर के अन्य लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तब प्रियंका ने कमरे के अंदर पंखे के कुंडे से अपने दुपट्टे का फंदा बनाया और उस पर झूल गई। कुछ देर बाद जब परिवार के सदस्य कमरे की तरफ गए, तो प्रियंका का शव फंदे से लटकता देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मृतका अपने पीछे दो अत्यंत छोटे बच्चे छोड़ गई है, जिनमें से एक की उम्र लगभग 8 वर्ष और दूसरे की उम्र महज 5 वर्ष है। मां की अचानक मौत के बाद दोनों मासूमों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही हैं।

​मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम, पुलिसिया कार्रवाई और आश्वासन

​इस वीभत्स घटना की तत्काल सूचना मृतका की मां पुष्पा देवी ने कुठौंद थाना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया और घटनास्थल को सील करते हुए फिंगरप्रिंट व अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स द्वारा बारीकी से जांच-पड़ताल करने के बाद पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।

​इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतका की मां पुष्पा देवी गहरे सदमे में चली गईं और मौके पर ही बेहोश हो गईं, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों और परिजनों ने बमुश्किल संभाला। थाना प्रभारी जगदंबा प्रसाद दुबे ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए पूरी निष्पक्षता से जांच करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतका के मायके पक्ष की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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