जालौन में राशन वितरण में बड़ी धांधली: कम राशन देने का वीडियो वायरल, ग्राम प्रधान संग 26 कार्डधारकों ने DM से की कोटेदार का लाइसेंस निरस्त करने की मांग

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जालौन कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर शिकायत पत्र हाथों में लिए ग्राम प्रधान जानकी देवी और राशन कार्ड धारक महिलाएं व ग्रामीण।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक ओर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए मुफ्त और पारदर्शी राशन वितरण प्रणाली का दावा कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और धांधली के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला जालौन जनपद के विकासखंड नदीगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रूरा सिरसा से सामने आया है। यहाँ के सरकारी राशन कोटेदार पर कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से कम राशन देने और सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस कथित धांधली से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक अमले में खलबली मचा दी है।

​इस मामले को लेकर सोमवार को ग्राम पंचायत रूरा सिरसा की प्रधान जानकी देवी के नेतृत्व में 26 पीड़ित राशन कार्डधारक जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) पहुंचे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) राजेश कुमार पांडेय से मुलाकात कर एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा और आरोपी कोटेदार शिववीर सिंह के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उसका कोटा निरस्त करने की पुरजोर मांग की है।

प्रति चार यूनिट पर 2 किलो राशन काटने का आरोप

​जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने कोटेदार की मनमानी और घटतौली की पूरी कहानी बयां की। पीड़ित महिला साधना और प्रीति ने बताया कि सरकारी नियमों के मुताबिक राशन कार्ड धारकों को प्रति चार यूनिट पर कुल 20 किलोग्राम खाद्यान्न मिलने का प्रावधान तय है। इसके विपरीत, कोटेदार शिववीर सिंह द्वारा प्रत्येक कार्डधारक को केवल 18 किलोग्राम राशन ही वितरित किया जा रहा है। यानी सीधे तौर पर प्रति राशन कार्ड धारक से लगभग दो किलोग्राम गेहूं और चावल कम तौलकर उसकी चोरी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार लंबे समय से इस प्रकार की घटतौली कर गरीबों के निवाले पर डाका डाल रहा है, जिससे पूरे गांव के कार्डधारकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

कम वजन का बहाना और ग्रामीणों को धमकी

​शिकायती पत्र में ग्राम प्रधान जानकी देवी ने उल्लेख किया है कि जब उन्होंने और ग्रामीणों ने इस घटतौली के संबंध में कोटेदार से सीधा सवाल किया, तो कोटेदार ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना तर्क दिया। कोटेदार शिववीर सिंह का कहना है कि मुख्य गोदाम से जो 50 किलोग्राम की बोरी आती है, उसका वास्तविक वजन पहले से ही कम निकलता है; इसलिए वह ग्रामीणों को राशन कम तौलकर बांटता है ताकि उसका नुकसान न हो।

​ग्राम प्रधान ने कोटेदार के इस तर्क को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा कि कोटेदार आदतन इस प्रकार की अनियमितता और धांधली में संलिप्त है। पीड़ित ग्रामीण संजय सिंह व अन्य पुरुषों ने आरोप लगाया कि जब भी कोई राशन वितरण में हो रही इस गड़बड़ी की शिकायत करने या आवाज उठाने का प्रयास करता है, तो कोटेदार शिववीर सिंह अपनी दबंगई दिखाते हुए ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं को सीधे तौर पर धमकाता है। कोटेदार की इस प्रताड़ना और धमकियों के डर से कई गरीब व जरूरतमंद लाभार्थी खुलकर विरोध भी नहीं दर्ज करा पा रहे थे।

वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन सख्त, जांच के आदेश

​इस पूरी धांधली और कोटेदार द्वारा कम राशन तौले जाने का एक वीडियो भी ग्रामीणों द्वारा बना लिया गया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कार्डधारकों के हक पर डाका डाला जा रहा है।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने ग्राम प्रधान और पीड़ित ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का पूरा भरोसा दिया है। जिला प्रशासन ने संबंधित पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) को तत्काल प्रभाव से गांव में जाकर मामले की स्थलीय जांच करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम प्रधान जानकी देवी और ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपी कोटेदार शिववीर सिंह के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई और उसका उचित दर विक्रेता का लाइसेंस (कोटा) निरस्त नहीं किया गया, तो ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के बाद कोटेदार पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

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