कोंच: देर रात प्रेस की दुकान में भड़की भीषण आग, ग्राहकों के दर्जनों जोड़ी कपड़े जलकर राख; इलाके में हड़कंप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): जनपद के कोंच नगर में सोमवार की देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रेस (इस्त्री) की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। घटना नगर के व्यस्ततम इलाके सागर चौकी के समीप स्थित ‘बादशाह प्रेस’ की दुकान की है। आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक लोग कुछ समझ पाते, दुकान के भीतर रखा कीमती सामान और ग्राहकों के दर्जनों जोड़ी कपड़े जलकर खाक हो गए। गनीमत यह रही कि यह हादसा रात के समय हुआ जब बाजार खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
रात 10 बजे अचानक उठा धुएं का गुबार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सागर चौकी के पास स्थित इस दुकान में कपड़ों पर इस्त्री करने का कार्य किया जाता है। दुकानदार प्रतिदिन की भांति सोमवार की रात को भी अपना काम निपटाकर दुकान बंद कर घर चला गया था। रात करीब 10 बजे अचानक दुकान के शटर के भीतर से धुएं का गुबार और आग की लपटें निकलती देख राहगीरों और पड़ोसियों के होश उड़ गए। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत दुकानदार को फोन पर सूचना दी और अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए।
लाखों का सामान और ग्राहकों की अमानत खाक
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दुकान के भीतर रखी दो भारी प्रेस मशीनें, कुर्सियां, बाल्टी और लगभग 5 किलो कोयला पूरी तरह जल गया। सबसे अधिक नुकसान ग्राहकों का हुआ है; बताया जा रहा है कि लगभग 40 जोड़ी कपड़े, जो प्रेस होने के लिए आए थे, पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए हैं। दुकानदार के लिए यह एक बड़ा आर्थिक झटका है, क्योंकि उसे अब ग्राहकों की अमानत का जवाब देना होगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ने चंद मिनटों में ही पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया था।
दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत के बाद काबू
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। संकरी गली और भीड़ के बावजूद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत की और काफी संघर्ष के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। यदि समय रहते आग न बुझाई जाती, तो आसपास की अन्य दुकानें भी इसकी जद में आ सकती थीं, जिससे भारी तबाही हो सकती थी।
आग लगने का कारण: ढाले की गर्मी या लापरवाही?
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन प्राथमिक जांच में दुकानदार द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘ढाले’ (कोयले वाली इस्त्री रखने का स्थान) की गर्मी को मुख्य कारण माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि काम बंद करने के बाद कोयले की चिंगारी पूरी तरह ठंडी नहीं हुई थी, जिसने रात में धीरे-धीरे कपड़ों को पकड़ लिया।
अधिकारियों का बयान
मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड प्रभारी लाखन सिंह ने बताया, “हमें प्रेस की दुकान में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिस पर टीम ने तत्काल रिस्पांस किया। आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है। प्रारंभिक तौर पर यह एक दुर्घटना प्रतीत होती है, लेकिन वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, हालांकि संपत्ति और कपड़ों का काफी नुकसान हुआ है।”
इस घटना के बाद से नगर के अन्य दुकानदारों में भी भय का माहौल है और प्रशासन ने सभी से रात में दुकान बढ़ाते समय अग्नि सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने की अपील की है।







