कोंच-उरई मार्ग बना ‘खूनी रास्ता’: अनियंत्रित बाइक की टक्कर के बाद चार पहिया वाहन से भिड़ी मोटरसाइकिल, दो गंभीर

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): जनपद जालौन का कोंच-उरई मार्ग एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे का गवाह बना है। अपनी खस्ताहाली और आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के कारण ‘खूनी सड़क’ के नाम से कुख्यात हो चुके इस मार्ग पर मंगलवार को एक और गंभीर हादसा घटित हुआ। एक मोटरसाइकिल द्वारा दिए गए गलत ‘कट’ (कट मारना) के कारण दो युवक सीधे सामने से आ रहे चार पहिया वाहन की चपेट में आ गए। इस भीषण टक्कर में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
दुर्घटना का विवरण और घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मवई (उरई) निवासी राजकुमार (35 वर्ष) और मिथुन (17 वर्ष) अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने ग्राम सेसा जा रहे थे। जब उनकी बाइक कोंच-उरई मार्ग पर स्थित ग्राम भदारी के समीप पहुँची, तभी विपरीत दिशा से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल के चालक ने लापरवाही से उन्हें ‘कट’ मारने का प्रयास किया।
इस अचानक हुए पैंतरे से राजकुमार अपना संतुलन खो बैठे। अनियंत्रित हुई उनकी मोटरसाइकिल सीधे सड़क पर सामने से आ रहे एक चार पहिया वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए।
राहगीरों ने दिखाई तत्परता
घटना के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए तत्काल घायलों की मदद की। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँचे ग्रामीणों और राहगीरों ने दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया। घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
मार्ग की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कोंच-उरई मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात के नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेकिंग करना आम बात हो गई है। अक्सर चालक अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जिंदगी को खतरे में डाल देते हैं।
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस ‘खूनी मार्ग’ पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल, घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।







