जनता की समस्याओं के समाधान में कोताही बर्दाश्त नहीं: डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने जनसुनवाई में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित नियमित जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता अक्षम्य होगी।
विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का अंबार
जनसुनवाई के दौरान जनपद के दूर-दराज के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन, नगर निकाय, विद्युत आपूर्ति, जर्जर सड़कें, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन, राशन कार्ड में गड़बड़ी और भूमि विवाद से संबंधित प्रकरण प्रमुखता से छाए रहे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर प्रत्येक फरियादी से संवाद किया और उनकी लिखित शिकायतों का अवलोकन करते हुए संबंधित पटल के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने उपस्थित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई मात्र एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच विश्वास का एक मजबूत सेतु है। उन्होंने कहा:
”प्रत्येक शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिकायत का निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि धरातल पर फरियादी को न्याय मिलना चाहिए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही निस्तारण की असली कसौटी है।”
उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में बेवजह की देरी या लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मौके पर ही किया गया कई शिकायतों का समाधान
सुनवाई के दौरान कई ऐसे संवेदनशील मामले सामने आए, जिनमें जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। भूमि विवाद और राजस्व से जुड़े कुछ जटिल प्रकरणों में डीएम ने उपजिलाधिकारियों (SDM) और तहसीलदारों को पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर जांच करने और न्यायसंगत निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क और बिजली से जुड़ी शिकायतों के लिए उन्होंने समय-सीमा निर्धारित करते हुए रिपोर्ट तलब की है।
पारदर्शिता और जवाबदेही है प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। जनसुनवाई में आए वृद्धजनों और दिव्यांगों की सहायता के लिए उन्होंने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं जैसे पेंशन और राशन कार्ड का लाभ बिना किसी बाधा के मिलना चाहिए। यदि किसी पात्र व्यक्ति को बिचौलियों या विभागीय सुस्ती के कारण परेशान होना पड़ा, तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस कड़े रुख से जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति है, वहीं फरियादियों ने डीएम की इस सक्रियता पर संतोष व्यक्त किया है।






