जालौन में भड़का जनआक्रोश: सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा के खिलाफ पाल समाज ने खोला मोर्चा, मवई चौराहे पर किया जोरदार चक्काजाम
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन/उरई। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से इस वक्त की एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहाँ स्थानीय सदर विधायक के खिलाफ जनता का गुस्सा फुट पड़ा है। जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्त मवई चौराहे पर पाल समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर न केवल यातायात ठप कर दिया, बल्कि स्थानीय सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक ने उनके समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। सड़क पर उतरे आक्रोशित लोगों को संभालने और स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है।
मूर्ति स्थापना का स्थान बदलने पर भड़का विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ में महान शासक और पाल समाज की पूजनीय प्रतीक माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति की स्थापना है। पाल समाज के नेताओं और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वे लंबे समय से उरई क्षेत्र में माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति स्थापित करने की मांग कर रहे थे। पूर्व में, जालौन के सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने समाज के लोगों को एक निश्चित और प्रमुख स्थान पर मूर्ति लगवाने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया था।
परंतु, हाल ही में पाल समाज के लोगों को पता चला कि विधायक के कथित दबाव या हस्तक्षेप के कारण मूर्ति लगवाने का तय स्थान अचानक बदल दिया गया है। जैसे ही यह बात समाज के लोगों के बीच फैली, उनका आक्रोश चरम पर पहुंच गया और उन्होंने सड़कों पर उतरने का फैसला कर लिया।
’विधायक मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा मवई चौराहा
गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को उरई कोतवाली क्षेत्र के मवई चौराहे को चारों तरफ से घेर लिया और सड़क के बीचों-बीच बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन में शामिल युवाओं और बुजुर्गों ने हाथों में तख्तियां लेकर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा के खिलाफ “मुर्दाबाद” के नारे लगाए।
स्थानीय निवासी का बयान (बाइट):
“विधायक गौरीशंकर वर्मा ने हमें पूरी तरह से धोखे में रखा है। उन्होंने समाज के सामने बड़ी-बड़ी बातें कीं और आश्वासन दिया कि अहिल्याबाई होलकर जी की मूर्ति उसी गौरवशाली स्थान पर लगेगी जो तय हुआ था। लेकिन पीठ पीछे उन्होंने राजनीति के तहत जगह बदलवा दी। यह हमारे समाज का अपमान है और जब तक प्रशासन लिखित में पुरानी जगह पर मूर्ति लगाने का आदेश नहीं देता, हम यहाँ से नहीं हटेंगे।”
मौके पर पहुंची पुलिस, स्थिति को संभालने की कवायद तेज
हाईवे और प्रमुख चौराहे पर जाम की सूचना मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे पाल समाज के प्रबुद्ध जनों और युवाओं को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना सबका अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था को हाथ में लेना और चक्काजाम करना अनुचित है। पुलिस प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने और यातायात को सुचारू रूप से बहाल करने की कोशिशों में जुटा हुआ है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक स्थानीय लोगों का विरोध जारी था और वे अपनी मांग पर अड़े हुए थे। इस घटना के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां और तनाव दोनों ही बढ़ गए हैं।






