बुंदेलखंड में फिर गहराया कृषि संकट: जालौन में कर्ज और फसल बर्बादी से टूटी आस, 67 वर्षीय किसान ने फांसी लगाकर दी जान

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जालौन के कुंडऊ गांव में पेड़ से लटके मिले किसान के शव के बाद रोते-बिलखते परिजन और जांच करती उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन (उत्तर प्रदेश): बुंदेलखंड अंचल में किसानों की बदहाली और बेबसी की दास्तां थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मर्मस्पर्शी मामला जालौन जनपद के गोहन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुंडऊ से सामने आया है। यहाँ आर्थिक तंगी, बैंक के कर्ज और हाल ही में हुई बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि के कारण फसल बर्बाद होने से आहत एक बुजुर्ग किसान ने मौत को गले लगा लिया। गुरुवार शाम को हुई इस दुखद घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​खेत जाने की बात कहकर निकले थे राम महेश, पेड़ से लटका मिला शव

​प्राप्त विवरण के अनुसार, कुंडऊ गांव के रहने वाले 67 वर्षीय किसान राम महेश द्विवेदी गुरुवार की शाम करीब 6 बजे अपने परिजनों से खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब काफी देर रात तक वह घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों के मन में किसी अनहोनी की आशंका गहराने लगी। परिवार के सदस्यों ने टॉर्च लेकर खेतों की तरफ उनकी तलाश शुरू की। इसी खोजबीन के दौरान परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई, जब उन्होंने राम महेश का शव खेत में ही खड़े एक पेड़ से साफी (अंगोछे) के फंदे पर लटका हुआ पाया। वृद्ध किसान को इस हालत में देखते ही चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

​’बैंक का कर्ज और ओलावृष्टि ने तोड़ दी थी कमर’

​मृतक किसान के भाई बृजेंद्र द्विवेदी ने भारी मन से बताया कि राम महेश पिछले काफी समय से गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। खेती-किसानी के सहारे परिवार चलाने वाले राम महेश पर बैंक का एक लाख रुपये से अधिक का कर्ज बकाया था, जिसे चुका पाने में वह असमर्थ साबित हो रहे थे।

​रही-सही कसर हाल ही में इस क्षेत्र में हुई बेमौसम भारी बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। कुदरत की इस मार के कारण उनके खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। फसल की बर्बादी और सिर पर चढ़े कर्ज के बोझ के कारण राम महेश गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में चले गए थे। लगातार बढ़ती आर्थिक चिंताओं और भविष्य के अंधकार ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया था, जिसके चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।

​पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय गोहन थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।

​मृतक किसान के भांजे अवधेश कुमार ने बताया कि पूरा परिवार इस समय गहरे सदमे में है। राम महेश अपने पीछे बेटों इंदल और दिलीप सहित भरा-पूरा परिवार रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। गोहन थाना पुलिस के अनुसार, परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

​बुंदेलखंड में अन्नदाता की सुरक्षा पर उठते सवाल

​यह घटना एक बार फिर बुंदेलखंड के किसानों की उस जमीनी हकीकत को बयां करती है, जहाँ कर्ज और मौसम की बेरुखी मिलकर एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर देती है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और उनका कर्ज माफ किया जाए, ताकि यह बेसहारा परिवार इस भीषण संकट से उबर सके।

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