आस्था के मंच पर परोसी गई अश्शीलता: जालौन में 51 कुंडीय महायज्ञ के रामलीला मंच पर बार-बालाओं का डांस, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुटी

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जालौन के कोंच क्षेत्र के जुझारपुरा गांव में धार्मिक रामलीला मंच पर अश्लील गानों पर डांस करतीं बार-बालाएं और नीचे बैठकर वीडियो बनाते ग्रामीणों की वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कोंच (जालौन) : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के कोंच कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जुझारपुरा में आयोजित एक बड़े धार्मिक अनुष्ठान के मंच पर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी गईं। आस्था और भक्ति के नाम पर आयोजित इस कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के उद्देश्य से बार-बालाओं को बुलाकर फिल्मी और फूहड़ गानों पर अश्लील नृत्य कराया गया। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से समूचे क्षेत्र में तनाव और जन-आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

भव्य धार्मिक आयोजन की आड़ में फूहड़पन

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, जुझारपुरा गांव में बड़े स्तर पर ’51 कुंडीय महायज्ञ’ और विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस बड़े अनुष्ठान में शामिल होने और पुण्य लाभ कमाने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और महिलाएं पहुंची थीं। दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों के बाद, आयोजकों द्वारा रात्रि में कार्यक्रम को भव्य रूप देने के नाम पर ‘सांस्कृतिक कार्यक्रम’ का मंचन रखा गया था।

​स्थानीय लोगों का आरोप है कि सांस्कृतिक और धार्मिक प्रस्तुतियों की आड़ में आयोजकों ने मर्यादा को ताक पर रख दिया। जिस रामलीला मंच से भगवान श्रीराम के आदर्शों और पवित्र भजनों की गूंज होनी चाहिए थी, वहां देर रात तेज आवाज में अश्लील और फूहड़ फिल्मी गाने बजने लगे। इसके बाद मंच पर बुलाई गईं बार-बालाओं ने बेहद आपत्तिजनक और अश्लील अंदाज में नृत्य करना शुरू कर दिया।

हूटिंग करते दिखे लोग, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

​सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि साउंड सिस्टम पर कानफोड़ू आवाज में अश्लील गाने चल रहे हैं और बार-बालाएं मंच पर थिरक रही हैं। इस शर्मनाक दृश्य के दौरान मर्यादा सिखाने वाले मंच के सामने बैठे कुछ अराजक तत्व और दर्शक न सिर्फ तालियां बजा रहे हैं, बल्कि जमकर हूटिंग भी कर रहे हैं। कई लोग मोबाइल फोन से इस पूरी फूहड़ता का वीडियो बनाते हुए भी नजर आ रहे हैं।

​इस घटना को लेकर ग्रामीण समाज में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि:

​”आयोजकों ने सिर्फ भीड़ को आकर्षित करने और सनातनी परंपरा का मजाक उड़ाने के लिए इस पावन मंच की गरिमा को तार-तार किया है। जिस स्थान पर सिर झुकाकर प्रार्थना की जाती है, वहां इस तरह का नंगा नाच कराया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।”

​स्थानीय प्रबुद्ध जनों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों की आड़ में परोसी जा रही यह अश्लीलता ग्रामीण समाज और नई पीढ़ी के युवाओं की मानसिकता पर बेहद घातक और नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।

पुलिस और प्रशासन का रुख: सीओ ने दिए जांच के आदेश

​वीडियो के सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने और हिंदूवादी संगठनों व स्थानीय नागरिकों द्वारा तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किए जाने के बाद पुलिस महकमा भी हरकत में आ गया है।

​इस पूरे मामले पर गंभीरता दिखाते हुए कोंच क्षेत्राधिकारी (CO) परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि:

“सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है, जो जुझारपुरा गांव का बताया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह वीडियो किस तारीख का है और इस अमर्यादित कृत्य के पीछे कौन-कौन से आयोजक व व्यक्ति शामिल थे। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

​फिलहाल, इस घटना के बाद से गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक मंचों का इस तरह दुरुपयोग करने का दुस्साहस न कर सके।

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