उत्तर प्रदेश शासन का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: डॉ. हरिनंदन प्रसाद बने जालौन के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ)

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उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जालौन के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नियुक्त किए गए डॉ. हरिनंदन प्रसाद की फाइल फोटो, जिसमें यूपी स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक लोगो और प्रशासनिक आदेश की प्रति पृष्ठभूमि में दिखाई दे रही है।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की चरमराती और संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने तथा प्रशासनिक कसावट को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी नवीनतम आदेश के तहत, वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद को जनपद जालौन का नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा अनुभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी आदेश के मुताबिक, डॉ. प्रसाद को तत्काल प्रभाव से जालौन जनपद में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त निदेशक ग्रेड के अधिकारी हैं डॉ. हरिनंदन, उन्नाव से हुआ तबादला

​आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. हरिनंदन प्रसाद स्वास्थ्य विभाग के एक बेहद अनुभवी और कुशल प्रशासनिक अधिकारी माने जाते हैं। इस नई तैनाती से पहले वे संयुक्त निदेशक (Joint Director) ग्रेड के पद पर कार्यरत थे और जनपद उन्नाव में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्नाव में उनके कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन और कोविड व अन्य संक्रामक रोगों के नियंत्रण में उनकी भूमिका की सराहना की गई थी।

​शासन ने राज्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए डॉ. प्रसाद की योग्यताओं को देखते हुए उन्हें जालौन जैसे महत्वपूर्ण बुंदेलखंडीय जनपद की कमान सौंपी है। इस स्थानांतरण और नियुक्ति के संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव रवि रंजन द्वारा एक आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Officical Memorandum) जारी किया गया है।

तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के कड़े निर्देश

​विशेष सचिव रवि रंजन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश में स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए हैं कि डॉ. हरिनंदन प्रसाद बिना किसी प्रतिबाधा या विलंब के तत्काल अपने नवीन तैनाती स्थल (जालौन) पर पहुंचें और मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पदभार ग्रहण करें। इसके साथ ही, पदभार ग्रहण करने की लिखित सूचना अविलंब शासन और महानिदेशालय को प्रेषित करने के लिए भी कहा गया है। शासन के इस कड़े रुख से यह साफ जाहिर होता है कि सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र के इस जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

जालौन की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मिलेगी नई गति और दिशा

​राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि जालौन में नए सीएमओ की नियुक्ति से जिले के स्वास्थ्य विभाग में एक नई कार्यशैली का उदय होगा। पिछले कुछ समय से जिले में चल रही विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के क्रियान्वयन में गति धीमी देखी जा रही थी। डॉ. हरिनंदन प्रसाद के आने से इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के संचालन में तेजी आने की पूरी उम्मीद है। उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ सीधे तौर पर जिले की चरमराती चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में मिलेगा।

चुनौतियों का पहाड़ और जनता की उम्मीदें

​जालौन जनपद भौगोलिक और सामाजिक रूप से एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहा है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लंबे समय से कई तरह की बुनियादी समस्याएं और चुनौतियां बनी हुई हैं। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में डॉक्टरों की कमी, समय पर पैरामेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति और जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत जैसी शिकायतें अक्सर सामने आती रही हैं।

​ऐसे विपरीत समय में डॉ. हरिनंदन प्रसाद के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी होगी। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों को नए सीएमओ से काफी उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि नए अधिकारी के आने से:

  • ​जिला अस्पतालों और ग्रामीण केंद्रों की चिकित्सा सुविधाओं में गुणात्मक सुधार होगा।
  • ​सरकारी अस्पतालों में दलालों के तंत्र और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
  • ​ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित होगी।
  • ​अस्पतालों में मुफ्त दवाओं का वितरण सुचारू रूप से हो सकेगा।

विभाग में हलचल और चर्चाओं का बाजार गर्म

​जैसे ही शासन द्वारा डॉ. हरिनंदन प्रसाद की जालौन के नए सीएमओ के रूप में नियुक्ति का आदेश सोशल मीडिया और विभागीय गलियारों में पहुंचा, जिले के स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज हो गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सहित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस नई नियुक्ति को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ अधिकारी जहां इसे प्रशासनिक रूटीन मान रहे हैं, वहीं निचले स्तर के कर्मचारियों में नए अधिकारी की कार्यशैली और कड़े अनुशासन को लेकर एक सकारात्मक डर और सतर्कता का माहौल देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि डॉ. प्रसाद कार्यभार संभालते ही जालौन की स्वास्थ्य सेवाओं को किस प्रकार नया जीवन देते हैं।

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