जालौन में कुठौन्द पुलिस की बड़ी कार्रवाई: न्यायालय से लंबे समय से फरार चल रहा इनामी/वारंटी अभियुक्त अकील अहमद गिरफ्तार, कुर्की के आदेश भी थे जारी

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जालौन के कुठौन्द थाना पुलिस की टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए लंबे समय से फरार एन.आई. एक्ट के वारंटी अभियुक्त अकील अहमद को पुलिस अभिरक्षा में ले जाते हुए।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। जनपद में अपराधियों, अपराधियों के सहयोगियों और माननीय न्यायालय से वांछित व लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा एक बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया गया है। इसी क्रम में जालौन पुलिस को उस समय एक बड़ी सफलता हाथ लगी, जब कुठौन्द थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे शातिर वारंटी को धर दबोचा, जो लंबे समय से पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया की आंखों में धूल झोंक रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अकील अहमद के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ न्यायालय द्वारा कड़े रुख अपनाए जाने के बावजूद वह लगातार फरार चल रहा था।

​उच्चाधिकारियों के निर्देशन में चला विशेष धरपकड़ अभियान

​पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जालौन के सख्त निर्देशों के अनुपालन में की गई है। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक जालौन व क्षेत्राधिकारी (सीओ) जालौन के निकट पर्यवेक्षण में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

​इसी अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक कुठौन्द के कुशल नेतृत्व में उप निरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी को टीम के साथ फरार अपराधियों की सुरागरसी और पतारसी के लिए नियुक्त किया गया था। पुलिस टीम लगातार क्षेत्र में गश्त और मुखबिर तंत्र के माध्यम से वांछितों पर पैनी नजर रखे हुए थी।

​एन.आई. एक्ट का मामला और न्यायालय की सख्त अवहेलना

मामले की पृष्ठभूमि: गिरफ्तार किए गए अभियुक्त अकील अहमद (उम्र लगभग 59 वर्ष), पुत्र अजीज अहमद, निवासी कस्बा व थाना कुठौन्द, जनपद जालौन के खिलाफ माननीय न्यायालय झाँसी में धारा 138 एन.आई. एक्ट (चेक बाउंस मामला) के तहत एक गंभीर वाद विचाराधीन था।

​अकील अहमद न्यायालय की तारीखों पर लगातार अनुपस्थित चल रहा था, जिसके कारण माननीय न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया था। न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना करने और न्यायिक प्रक्रिया से जानबूझकर भागने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई थी। इसके बाद अदालत ने अभियुक्त के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए धारा 82 एवं 83 सीआरपीसी (CrPC) के तहत उद्घोषणा और कुर्की से संबंधित आदेश भी निर्गत कर दिए थे। इन आदेशों के बाद भी अभियुक्त लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।

​सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबोचा

​थाना कुठौन्द पुलिस को अपने विश्वसनीय मुखबिर तंत्र के माध्यम से अकील अहमद की वर्तमान मौजूदगी के संबंध में एक अत्यंत सटीक और पुख्ता सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी ने बिना कोई समय गंवाए अपनी टीम के साथ एक ठोस और योजनाबद्ध रणनीति तैयार की।

​पुलिस टीम ने तत्काल अभियुक्त के ठिकाने पर दबिश दी। अकील अहमद को भनक लगने से पहले ही पुलिस बल ने उसे उसके घर के बाहर से ही चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने वैधानिक व कानूनी प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

अभियुक्त का विवरणजानकारी
नामअकील अहमद
उम्र59 वर्ष
निवासीकस्बा व थाना कुठौन्द, जनपद जालौन
संबंधित न्यायालयमाननीय न्यायालय झाँसी
विधिक धाराएंधारा 138 एन.आई. एक्ट, धारा 82/83 सीआरपीसी

विधिक कार्रवाई के बाद भेजा गया जेल

​गिरफ्तारी की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करने के बाद, कुठौन्द पुलिस ने अभियुक्त अकील अहमद के खिलाफ सभी आवश्यक लिखापढ़ी और विधिक कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उसे संबंधित माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार आगे की जेल भेजने की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

​जालौन पुलिस प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वाले और कानून से भागने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य अपराधियों और वारंटियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

​पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका

​लंबे समय से फरार चल रहे इस वारंटी को दबोचने में कुठौन्द थाने के जांबाज पुलिसकर्मियों ने सराहनीय धैर्य और तत्परता का परिचय दिया। इस सफल पुलिस टीम में निम्नलिखित अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे:

  • उप निरीक्षक: हर्षवर्धन त्रिपाठी (टीम प्रभारी)
  • महिला आरक्षी: दीपिका देवी
  • महिला आरक्षी: रैना सिंह
  • चालक आरक्षी: ब्रजेश कुमार

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