जालौन में खाकी को चुनौती: कुंठौंद के बीहड़ जंगलों में चल रहा था लाखों का जुआ रैकेट, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

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जालौन के कुंठौंद थाना क्षेत्र के बिजवाहा जंगल में पेड़ों के बीच बैठकर ताश के पत्तों पर लाखों रुपये का दांव लगाते दर्जनों जुआरियों का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है। जिला पुलिस की कथित सतर्कता और गश्ती दावों की पोल खोलते हुए कुंठौंद थाना क्षेत्र के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध जुए का कारोबार संचालित होने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी शिकंजे से बचने के लिए शातिर जुआरियों ने जंगल के बीचो-बीच अपना महफूज ठिकाना बना लिया था, जहाँ रोजाना लाखों रुपये के दांव-पेंच लगाए जा रहे थे। इस पूरे अवैध काले कारोबार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से ही स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

जंगल बना जुआरियों का महफूज ठिकाना, सजती थी रोजाना महफिल

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जालौन जिले के कुंठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिजवाहा गांव के समीपवर्ती घने जंगलों का है। अमूमन सुनसान रहने वाले इस जंगली इलाके को जुआरियों ने अपनी अवैध गतिविधियों का मुख्य केंद्र बना लिया था। सूत्रों का कहना है कि इस ठिकाने पर न केवल स्थानीय बल्कि आसपास के कई जिलों और थाना क्षेत्रों से नामी जुआरी और सटोरिये हर रोज जुटते थे। पुलिस की छापेमारी के डर से बेखौफ इन जुआरियों के लिए जंगल की भौगोलिक स्थिति एक सुरक्षा कवच का काम कर रही थी। यहाँ सुबह से लेकर देर रात तक ताश के पत्तों पर लाखों रुपये की हार-जीत का खेल खेला जा रहा था।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से खुली पोल

​इस समानांतर चल रहे अवैध साम्राज्य का भंडाफोड़ तब हुआ, जब जंगल के भीतर बेफिक्री से जुआ खेलते दर्जनों जुआरियों का एक वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि घने पेड़ों की छांव में भारी तादाद में लोग गोल घेरा बनाकर बैठे हुए हैं और उनके बीच में लाखों रुपये की नकदी बिखरी पड़ी है। वीडियो में पैसों के लेनदेन और दांव लगाने की आवाजें भी स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती हैं। इस वीडियो के सामने आते ही जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और मुखबिर तंत्र पर उठे गंभीर सवाल

​इस मामले के उजागर होने के बाद सबसे बड़ा झटका कुंठौंद थाना पुलिस की साख को लगा है। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और अचरज है कि जिस जंगल में दर्जनों बाहरी गाड़ियों और संदिग्ध लोगों की आवाजाही रोजाना होती थी, उसकी भनक स्थानीय पुलिस और उनके मुखबिर तंत्र को क्यों नहीं लगी? चर्चाएं यह भी हैं कि क्या इतने बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे इस रैकेट को किसी स्थानीय स्तर पर मूक संरक्षण प्राप्त था? वीडियो वायरल होने के बाद अब आम जनता सीधे तौर पर पुलिस की गश्ती और ईमानदारी पर सवाल उठा रही है।

कार्रवाई के दबाव में जिला पुलिस प्रशासन

​खबर लिखे जाने तक, सोशल मीडिया पर वीडियो का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। कुंठौंद थाना पुलिस को वायरल वीडियो के आधार पर जुआरियों की पहचान करने और बिजवाहा के जंगलों में दबिश देकर इस गिरोह का पर्दाफाश करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस की नाक के नीचे अपराधी नए-नए तरीकों से कानून को चुनौती देने में सफल हो रहे हैं, जिस पर लगाम कसना जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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