जालौन में विकास कार्यों की खुली पोल: निर्माण के कुछ दिन बाद ही हाथों से उखड़ने लगी नई सड़क, ग्रामीणों ने वीडियो वायरल कर खोला मोर्चा

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक ओर ग्रामीण अंचलों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए करोड़ों रुपये का बजट पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक नाक के नीचे भ्रष्टाचार का खेल बदस्तूर जारी है। ताजा मामला जालौन जिले से सामने आया है, जहां लोक निर्माण और विकास के दावों की जमीनी हकीकत पहली ही बारिश या सामान्य आवागमन भी नहीं झेल पाई। जिले के एक ग्रामीण इलाके में अभी कुछ दिन पहले ही बनकर तैयार हुई चमचमाती सड़क की परतें ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी हैं। इस घटिया निर्माण कार्य को देखकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क की बदहाली का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
हाथों से उखड़ रही डामर की परत, मानकों की उड़ी धज्जियां
यह पूरा मामला जालौन के ग्राम परधानी स्थित खासीश-कमसरे संपर्क मार्ग का है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के निर्माण में विभागीय इंजीनियरों और ठेकेदार की जुगलबंदी के चलते मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। सड़क निर्माण में बेहद घटिया स्तर की सामग्री और नाममात्र के डामर का प्रयोग किया गया।
स्थिति इस कदर बदतर है कि ग्रामीणों ने जब सड़क की मजबूती को परखना चाहा, तो पूरी की पूरी डामर की परत बिना किसी औजार के, सिर्फ हाथों से खींचने पर ही जमीन छोड़ गई। ग्रामीणों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नई बनी सड़क की गिट्टियां और डामर सूखी मिट्टी की तरह हाथ में आ रहे हैं। इस दृश्य ने स्थानीय प्रशासन और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भ्रष्टाचार और अनदेखी का आरोप, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सड़क की इस दुर्दशा को लेकर परधानी और आस-पास के गांवों के निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि:
”इस संपर्क मार्ग की मांग लंबे समय से की जा रही थी। जब सड़क बनी तो हमें लगा कि अब आवागमन सुगम हो जाएगा, लेकिन ठेकेदार ने चंद रुपयों के मुनाफे के लिए पूरी सड़क को मजाक बना दिया। यदि हाथों से ही डामर उखड़ रहा है, तो भारी वाहनों के गुजरने पर इस सड़क का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।”
ग्रामीणों ने सीधे तौर पर संबंधित ठेकेदार और जांच अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर गुणवत्ता की जांच नहीं की, जिसके कारण ठेकेदार को घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की खुली छूट मिल गई।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
सड़क की परत को हाथों से उखाड़ने का यह वीडियो अब विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिले के जिलाधिकारी (DM) और लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों को टैग करते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस घटिया निर्माण कार्य के दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई और सड़क का दोबारा सही तरीके से निर्माण नहीं कराया गया, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो और जनता के आक्रोश के बाद जालौन जिला प्रशासन क्या एक्शन लेता है।






