जालौन में बड़ा हादसा: बिना फिटनेस दौड़ रही जयपुरिया स्कूल की बस खाई में पलटी, 19 मासूम बच्चे घायल, मची चीख-पुकार

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन (उत्तर प्रदेश)। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में यातायात नियमों की सरेआम अनदेखी और परिवहन विभाग की शिथिलता के कारण आज एक बड़ा हादसा हो गया। जालौन कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सात मील के पास स्कूली बच्चों से भरी एक निजी स्कूल की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में बस सवार लगभग 19 स्कूली बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया और सभी घायल बच्चों को उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जालौन में भर्ती कराया गया है।
उरई से जालौन जा रही थी बस, स्टीयरिंग फेल होने की आशंका

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अनुबंधित स्कूली बस ‘सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल’ की बताई जा रही है। शुक्रवार को यह बस स्कूली बच्चों को लेकर उरई से जालौन की तरफ जा रही थी। जैसे ही बस जालौन कोतवाली क्षेत्र के सात मील के समीप पहुँची, अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण खो गया। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती कयासों के मुताबिक, बस की स्टीयरिंग अचानक फेल हो गई, जिसके कारण बस सीधे अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। बस के पलटते ही भीतर बैठे मासूम बच्चों में कोहराम मच गया।
परिवहन विभाग के दावों की खुली पोल: बिना फिटनेस दौड़ रहा था वाहन
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा और परिवहन विभाग के चेकिंग अभियानों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह स्कूली बस बिना वैध फिटनेस सर्टिफिकेट के सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रही थी। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूली वाहनों की चेकिंग के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रसूखदार निजी स्कूल संचालक नियमों को ताक पर रखकर बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि विभाग ने पहले ही इन वाहनों की गहनता से जांच की होती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
घायल छात्रों की आपबीती: “अचानक तेज आवाज हुई और बस पलट गई”
अस्पताल में उपचाराधीन घायल छात्र देवांश ने रोते हुए बताया, “हम सब बस में बैठे थे, तभी अचानक गाड़ी लहराने लगी और जोर का झटका लगा। सब बच्चे एक-दूसरे के ऊपर गिर गए और चारों तरफ अंधेरा छा गया।”
वहीं, एक अन्य घायल छात्र शिवजीत ने बताया कि बस की रफ्तार सामान्य से अधिक थी और अचानक ड्राइवर अंकल चिल्लाए कि स्टेयरिंग काम नहीं कर रही है, और देखते ही देखते बस खाई में चली गई। फिलहाल डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चों की स्थिति नियंत्रण में है और उनका उचित इलाज किया जा रहा है।
प्रशासनिक अमला अलर्ट, जांच के आदेश
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर और फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे। अधिकारियों ने घायल बच्चों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बस को कब्जे में ले लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र के अभिभावकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और उन्होंने दोषी स्कूल प्रबंधन व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।






