जालौन: उरई के ‘मून बार’ पर आबकारी विभाग का बड़ा छापा, भारी मात्रा में अवैध शराब और बीयर जब्त; मनमाने दामों पर हो रही थी बिक्री
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में आबकारी विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे एक बार के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जालौन बाईपास स्थित ‘मून बार’ पर आबकारी विभाग और इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने औचक छापेमारी की। इस रेड के दौरान बार के भीतर भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से अवैध शराब और बीयर की बड़ी खेप को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य बार संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।
सस्ते ठेकों से लाकर महंगे दामों पर बेची जा रही थी शराब
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि जालौन बाईपास स्थित मून बार में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बार में छापा मारा।
छापेमारी के दौरान जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। बार के भीतर अन्य ठेकों की शराब और बीयर की बोतलें बरामद की गईं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि बार संचालक द्वारा पास के देशी और अंग्रेजी शराब के ठेकों से सस्ते दामों में शराब की बोतलें खरीदकर लाई जाती थीं। इसके बाद ग्राहकों को बार के अंदर मनमाने और महंगे दामों पर वही शराब अवैध रूप से परोसी जा रही थी। आबकारी नियमों के मुताबिक बार में इस तरह बाहर से सस्ते दामों की शराब लाकर बेचना पूरी तरह से अवैध है।
भारी मात्रा में बीयर कैन और शराब की बोतलें जब्त
आबकारी विभाग की टीम ने जब बार के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में अवैध स्टॉक मिला। कार्रवाई के दौरान मौके से 114 कैन बीयर और 3 बोतल अंग्रेजी शराब को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए माल और दस्तावेजों को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह साफ तौर पर आबकारी अधिनियम और लाइसेंस की शर्तों का गंभीर उल्लंघन है।
छापेमारी के दौरान सोता दिखा आबकारी विभाग का सिपाही
इस पूरी छापेमारी के दौरान एक ऐसा वाकया भी सामने आया जिसने विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रेड के वक्त मौके पर मौजूद आबकारी विभाग का ही एक सिपाही गहरी नींद में सोता हुआ नजर आया। विभागीय कार्रवाई के बीच इस तरह एक जिम्मेदार कर्मचारी का सोते हुए पाया जाना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, उच्च अधिकारियों ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अनियमितताओं में लिप्त किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।
आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक रुख
घटना के बाद इंस्पेक्टर और आबकारी विभाग की पूरी टीम ने मिलकर बार परिसर को सील करने और लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अवैध शराब के कारोबार और बार की आड़ में चल रही मनमानी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य बार और ठेकों पर भी इस तरह के औचक निरीक्षण और छापे मारे जाएंगे ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।






