जालौन में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन: कोंच में अवैध रूप से संचालित विमल क्लीनिक और तृप्ति मेडिकल स्टोर सील, झोलाछाप कर रहे थे मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन):
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित चिकित्सा केंद्रों और मेडिकल स्टोरों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कोंच कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मारकंडेश्वर तिराहे पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्वास्थ्य विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम ने अचानक एक क्लीनिक और मेडिकल स्टोर पर औचक छापा मारा।
छापेमारी के दौरान जो खुलासे हुए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। स्वास्थ्य विभाग को मौके पर भारी अनियमितताएं और गंभीर लापरवाही मिली, जिसके बाद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) के सख्त निर्देशों के तहत दोनों प्रतिष्ठानों को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया।
बिना डॉक्टर के चल रहा था आंखों का अस्पताल
मिली जानकारी के अनुसार, मारकंडेश्वर तिराहे के पास ‘विमल क्लीनिक’ के नाम से एक चिकित्सा केंद्र संचालित किया जा रहा था, जहां विशेष रूप से आंखों के मरीजों का इलाज किया जाता था। जब ACMO डॉ. अरविंद भूषण के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक के अंदर प्रवेश किया, तो वहां कोई भी योग्य या अधिकृत डॉक्टर मौजूद नहीं था।
इसके विपरीत, क्लीनिक के भीतर एक अन्य व्यक्ति बेखौफ होकर मरीजों का इलाज कर रहा था और उन्हें दवाएं लिख रहा था। मरीजों के स्वास्थ्य के साथ इस तरह के खिलवाड़ को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेहद गंभीरता से लिया।
मेडिकल स्टोर पर भी फार्मासिस्ट नदारद
क्लीनिक के साथ ही टीम ने परिसर से जुड़े ‘तृप्ति मेडिकल स्टोर’ का भी औचक निरीक्षण किया। नियमानुसार किसी भी मेडिकल स्टोर के संचालन के लिए वहां एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट का मौजूद होना अनिवार्य है।
लेकिन, जब टीम ने दस्तावेजों और मौके की पड़ताल की, तो पाया कि वहां कोई भी अधिकृत और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं था। उसकी जगह पर एक अन्य अनाधिकृत व्यक्ति काउंटर संभाल रहा था और मरीजों को धड़ल्ले से दवाएं बेच रहा था। यह सीधे तौर पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और मेडिकल काउंसिल के नियमों का खुला उल्लंघन था।
ACMO अरविंद भूषण ने दी कड़ी चेतावनी
मौके पर मौजूद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) अरविंद भूषण ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और अमानक चिकित्सा गतिविधियों की सूचना पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“जांच के दौरान विमल क्लीनिक में बिना डॉक्टर के मरीजों का इलाज किया जाना पाया गया और तृप्ति मेडिकल स्टोर पर भी बिना रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के दवाएं दी जा रही थीं। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे किसी भी अवैध केंद्र को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है और आगे की विधिक व विभागीय कार्रवाई की जा रही है।”
झोलाछाप संस्कृति पर उठे सवाल
इस बड़ी कार्रवाई के बाद कोंच और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से क्लीनिक और मेडिकल स्टोर चलाने वाले संचालकों में भारी खलबली मच गई है। कई झोलाछाप डॉक्टर और फर्जी मेडिकल संचालक अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए हैं।






