बच्चों के बीच बैठकर DM ने किया भोजन, खुद परखी जवाहर नवोदय विद्यालय के खाने की गुणवत्ता

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जालौन के जवाहर नवोदय विद्यालय में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय बच्चों के बीच बैठकर उनके साथ भोजन करते हुए और भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण करते हुए।

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में प्रशासनिक तंत्र की संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने रविवार को स्थानीय जवाहर नवोदय विद्यालय का अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल विद्यालय की शैक्षणिक और आवासीय व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया, बल्कि छात्र-छात्राओं के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी किया। डीएम के इस सहज और मानवीय दृष्टिकोण से छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में भारी उत्साह व प्रसन्नता का माहौल देखा गया।

​छात्र-छात्राओं और परिजनों से सीधा संवाद

​अपने निरीक्षण के पहले चरण में जिलाधिकारी ने जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों के साथ एक खुली बैठक की। इस संवाद के दौरान उन्होंने बच्चों की दैनिक दिनचर्या, पठन-पाठन के स्तर, हॉस्टल के रहन-सहन और परिसर में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई।

​जिलाधिकारी ने बच्चों से उनकी शैक्षणिक अपेक्षाएं और व्यक्तिगत समस्याएं सीधे तौर पर पूछीं। इसके साथ ही, उन्होंने वहां मौजूद अभिभावकों से भी बातचीत कर विद्यालय प्रबंधन और व्यवस्थाओं को लेकर उनका बहुमूल्य फीडबैक प्राप्त किया, ताकि कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।

​रसोई घर की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री का बारीकी से जायजा

​बच्चों से संवाद के बाद डीएम राजेश कुमार पाण्डेय सीधे विद्यालय की रसोई (मॉस) में पहुंचे। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और विद्यालय के प्रधानाचार्य भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने रसोईघर में भोजन पकाने की व्यवस्था, वहां की साफ-सफाई, पीने के पानी की स्थिति और इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का गहनता से निरीक्षण किया।

​उन्होंने रसोई इंचार्ज और संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भोजन पूरी तरह से स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक होना चाहिए।

​बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर खाया भोजन

​भोजन की गुणवत्ता को सिर्फ कागजों पर परखने के बजाय जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी ने स्वयं बच्चों के साथ भोजनालय में बैठकर भोजन करने का निर्णय लिया। डीएम को अपने बीच भोजन करता देख छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे।

​सहज और पारिवारिक माहौल में जिलाधिकारी ने बच्चों से भोजन के स्वाद, पौष्टिकता और मेनू के बारे में फीडबैक लिया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ डीएम को खाने की गुणवत्ता के बारे में बताया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि बच्चों को नियमित रूप से उच्च गुणवत्तायुक्त, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन ही परोसा जाए।

​’बच्चे देश का भविष्य, उनका सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता’

​निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने मीडिया और विद्यालय प्रशासन से बातचीत करते हुए कहा कि बच्चे देश के भविष्य की नींव हैं। इनकी शिक्षा के साथ-साथ इनके उत्तम स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण का विशेष ध्यान रखना प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है।

​उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों की हर छोटी-बड़ी आवश्यकता और उनके सकारात्मक सुझावों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, उनके सर्वांगीण विकास के लिए परिसर में एक अनुकूल, प्रेरणादायक और अनुशासित माहौल सुनिश्चित किया जाए। इस औचक और सकारात्मक निरीक्षण से विद्यालय प्रशासन में भी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने को लेकर हलचल तेज हो गई है।

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