जालौन में प्रशासन का सख्त रुख: डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने कुकुरगांव और पहाड़पुरा में परखी विकास कार्यों की जमीनी हकीकत

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जालौन में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय कुकुरगांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से संवाद करते और शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच करते हुए।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण की एक बड़ी श्रृंखला के तहत कुकुरगांव और पहाड़पुरा गांव का दौरा किया। इस दौरान डीएम ने कृषि, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं की जमीनी हकीकत परखी। औचक निरीक्षण की इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा, वहीं आम नागरिकों ने प्रशासन की इस सक्रियता की सराहना की।

​बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों का निरीक्षण और खाद वितरण की समीक्षा

​दौरे के शुरुआती चरण में जिलाधिकारी ने स्थानीय बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की सबसे बड़ी जरूरत यानी उर्वरक (खाद) की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का सूक्ष्मता से जायजा लिया। डीएम ने मौके पर पहुंचकर उर्वरक स्टॉक रजिस्टर, वितरण अभिलेखों और भौतिक स्टॉक का मिलान किया।

​निरीक्षण के दौरान समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि खाद का वितरण पूरी तरह से पारदर्शी हो और हर जरूरतमंद किसान को समय पर सही दाम पर उर्वरक मिले। इस दौरान डीएम ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद भी किया, जहां किसानों ने वर्तमान वितरण व्यवस्था के सुचारु रूप से चलने की बात कही।

​प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव में बच्चों की प्रतिभा से प्रभावित हुए डीएम

​कृषि व्यवस्था का जायजा लेने के बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव का रुख किया, जहां उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को परखा। विद्यालय पहुंचते ही उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी पठन-पाठन की स्थिति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।

​गुणवत्ता परखने के लिए डीएम ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों को ब्लैकबोर्ड पर गणित के प्रश्न हल करने के लिए आमंत्रित किया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक न केवल सवालों के सही जवाब दिए, बल्कि आत्मविश्वास के साथ पहाड़े सुनाए और हिंदी तथा अंग्रेजी की कविताएं भी प्रस्तुत कीं। बच्चों की इस शैक्षणिक दक्षता और बौद्धिक स्तर को देखकर जिलाधिकारी बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों की पीठ थपथपाते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। साथ ही, शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए नियमित अभ्यास और नवाचारी (Innovative) शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर विशेष जोर दिया।

​पहाड़पुरा में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, तालाब सौंदर्यीकरण और सड़क निर्माण के निर्देश

​निरीक्षण के अंतिम चरण में डीएम राजेश कुमार पाण्डेय पहाड़पुरा गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनसे मिलकर स्थानीय विकास से जुड़ी कुछ प्रमुख मांगें रखीं। ग्रामीणों ने गांव के तालाबों के सौंदर्यीकरण और पेयजल टंकी तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग के निर्माण की पुरजोर मांग की।

​ग्रामीणों की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से दोनों तालाबों के सौंदर्यीकरण और संपर्क मार्ग के निर्माण का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, सहकारी समिति परिसर में साप्ताहिक बाजार के आयोजन और वहां बंद पड़ी दुकानों के नियमानुसार त्वरित आवंटन पर भी चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि दुकानों के आवंटन से स्थानीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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