रिपोर्ट-राशिद अली बहराइच
एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
मिहींपुरवा(बहराइच) : उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को जनपद की सभी तहसीलों में लेखपालों ने एक दिवसीय तहसील दिवस का बहिष्कार करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। मिहींपुरवा (मोतीपुर) तहसील में भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
मिहींपुरवा में प्रदर्शन का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष मुकेश कुमार ने किया। वहीं जनपद की सभी तहसीलों में आंदोलन का दिशानिर्देशन जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार वर्मा और जिला महामंत्री लाल बहादुर शुक्ला ने किया। कैसरगंज, पयागपुर, नानपारा, महसी और बहराइच तहसील में भी तहसील अध्यक्षों के नेतृत्व में लेखपालों ने प्रदर्शन कर तहसील दिवस का बहिष्कार किया।
लेखपालों का कहना है कि संगठन की मांगों के समाधान को लेकर शासन स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। संघ के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर को तहसील दिवस का बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन किया गया।
इसके बाद 8 अक्टूबर को ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार, 10 अक्टूबर को डाटा अपलोडिंग कार्य के बहिष्कार, 12 अक्टूबर को रजिस्ट्री कार्य के बहिष्कार और 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। वहीं 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की घोषणा की गई है।
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे, लंबित स्थानांतरण और पदोन्नति संबंधी समस्याओं का समाधान, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना, राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति, पदनाम परिवर्तन और ऑनलाइन कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने समेत अन्य लंबित समस्याओं का समाधान शामिल है।
लेखपाल संघ ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।







