बारिश में तिरपाल के नीचे हुआ अंतिम संस्कार, श्मशान घाट न होने से मजबूर हुए ग्रामीण, वीडियो वायरल
जालौन के नौरेजपुर गांव में बारिश के दौरान तिरपाल लगाकर किए जा रहे अंतिम संस्कार का दृश्य, मौजूद ग्रामीण और श्मशान घाट की व्यवस्था न होने की तस्वीर।
श्मशान घाट न होने से बारिश में बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किल, गुजरात में इलाज के दौरान हुई थी 36 वर्षीय युवक की मौत, तिरपाल के नीचे पूरा करना पड़ा अंतिम संस्कार, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अंतिम संस्कार का वीडियो, ग्रामीणों ने उठाए बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
कुठौंद(जालौन) : जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र के नौरेजपुर गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को तेज बारिश के बीच तिरपाल लगाकर एक शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
गांव में श्मशान घाट न होने से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार नौरेजपुर गांव में आज तक श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। ऐसे में जब बारिश के बीच अंतिम संस्कार की नौबत आई तो लोगों को खुले स्थान पर तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसी स्थिति अक्सर बड़ी परेशानी का कारण बनती है।
गुजरात में उपचार के दौरान हुई थी युवक की मौत
जानकारी के अनुसार गांव निवासी 36 वर्षीय देवेंद्र पाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका गुजरात के एक सरकारी अस्पताल में उपचार चल रहा था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी की गई, लेकिन बारिश और श्मशान घाट की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा।
तिरपाल के नीचे हुआ अंतिम संस्कार, वीडियो हुआ वायरल
बारिश के बीच तिरपाल लगाकर किए गए अंतिम संस्कार का वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं और श्मशान घाट जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
विकास के दावों पर उठे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था होती तो अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की कठिन परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। वायरल वीडियो के बाद ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।






