रिपोर्ट तरुण कुमार बरेली
भुता ब्लॉक की ग्राम पंचायत गिरधरपुर जैदेवराम का मामला, पोर्टल पर 11,053 रुपये के भुगतान का विवरण; ग्रामीणों ने DM और जिला पंचायत राज अधिकारी से जांच की मांग की
बरेली। भुता ब्लॉक की ग्राम पंचायत गिरधरपुर जैदेवराम में हैंडपंप मरम्मत और चबूतरा निर्माण के नाम पर सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों और मेरी पंचायत पोर्टल पर इन कार्यों के लिए भुगतान दर्ज है, लेकिन मौके पर हैंडपंपों की हालत जर्जर दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
उपलब्ध कराए गए मेरी पंचायत पोर्टल के वित्तीय वर्ष 2026-27 के भुगतान आदेशों के अनुसार, 26 मई 2026 को हैंडपंप मरम्मत और चबूतरा निर्माण से संबंधित कई भुगतान दर्ज हैं। इनमें हैंडपंप मरम्मत के नाम पर गुप्ता पाइप स्टोर को 5,640 रुपये और चबूतरा निर्माण के नाम पर मोहन सीमेंट स्टोर को 3,843 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। इसके अलावा 190 रुपये और 1,380 रुपये के दो अन्य भुगतान भी दर्ज बताए गए हैं। इस तरह उपलब्ध विवरण में कुल 11,053 रुपये के भुगतान का उल्लेख है।
दावा किया गया है कि भुगतान आदेशों पर पंचायत सचिव संगीता देवी और सरपंच सर्वेश कुमार के डिजिटल हस्ताक्षर हैं तथा बैंक से भुगतान भी हो चुका है। हालांकि, भुगतान और कार्यों की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
तस्वीरों में जर्जर हालत का दावा
ग्रामीणों की ओर से उपलब्ध कराई गई जीपीएस लोकेशन वाली तस्वीरों में हैंडपंपों के आसपास की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। तस्वीरों में लोकेशन गिरधरपुर जैदेवराम, उत्तर प्रदेश 243503 दर्ज होने की बात कही गई है। एक तस्वीर पर 3 सितंबर 2026 की सुबह 7:22 बजे का समय अंकित बताया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, तस्वीरों में हैंडपंप का चबूतरा टूटा और उखड़ा हुआ दिखाई देता है। हैंडपंप पर जंग लगने के साथ आसपास गंदगी और जलभराव होने का भी दावा किया गया है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि मरम्मत और चबूतरा निर्माण के लिए भुगतान किया गया, तो मौके पर काम की स्थिति ऐसी क्यों है?
ग्रामीणों ने एक ही कार्य से संबंधित अलग-अलग फर्मों और व्यक्तियों के नाम पर भुगतान दर्ज होने की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भुगतान आदेशों, बिलों, वाउचरों और वास्तविक निर्माण कार्यों का मिलान किया जाना चाहिए।
DM और जिला पंचायत राज अधिकारी से जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर मौके का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि सरकारी धन के दुरुपयोग या भुगतान में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल, उपलब्ध विवरण और ग्रामीणों के आरोपों के आधार पर भुगतान में अनियमितता की पुष्टि नहीं की जा सकती। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित अधिकारियों की जांच, अभिलेखों के सत्यापन और मौके के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।






