जालौन के कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के इंजेक्शन रूम में रात के समय निकला सांप और दहशत में खड़े स्वास्थ्यकर्मी।
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन):
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही और बदइंतजामी की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले के कोंच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उस वक्त हड़कंप मच गया जब देर रात अचानक एक जहरीला सांप अस्पताल के अंदर आ धमका। यह घटना अस्पताल के उस संवेदनशील हिस्से में घटी जहाँ मरीजों को रोजाना इंजेक्शन और दवाइयां दी जाती हैं। इस घटना के बाद से ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पताल आने वाले मरीजों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है।
कमरा नंबर-1 और इंजेक्शन कक्ष बना दहशत का केंद्र
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। बीती रात अस्पताल में रोजाना की तरह कामकाज चल रहा था और कुछ स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान अचानक सीएचसी के कमरा नंबर-1, जो कि मुख्य रूप से इंजेक्शन कक्ष (Injection Room) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, वहाँ एक सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया।
रात के सन्नाटे के बीच अचानक सांप को सामने देखकर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के होश उड़ गए। जान बचाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी तुरंत कमरे से बाहर भागे और कुछ पलों के लिए वहां अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। गनीमत यह रही कि उस समय कक्ष में कोई मरीज मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो
अस्पताल के अंदर सांप निकलने की इस घटना का किसी ने अपने मोबाइल कैमरे से वीडियो बना लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह अस्पताल के भीतर स्वास्थ्य कक्ष के फर्श पर सांप घूम रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और तीमारदारों में स्वास्थ्य प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है।
बारिश के मौसम में स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
बरसात के दिनों में सांप और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का बिलों से बाहर निकलना आम बात है, लेकिन एक सरकारी चिकित्सा संस्थान के भीतर इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
- साफ-सफाई का अभाव: स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कोंच सीएचसी परिसर में लंबे समय से झाड़ियों की कटाई और उचित साफ-सफाई नहीं कराई गई है, जिसके कारण जहरीले जीव आसानी से वार्डों और कमरों तक पहुंच रहे हैं।
- कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना: इस घटना के बाद से नाइट ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों में भारी डर है। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा के बिना काम करना खतरे से खाली नहीं है।
प्रशासनिक उदासीनता और आगे की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद भी खबर लिखे जाने तक किसी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर सुदृढ़ प्रबंध करने या वन विभाग की टीम को बुलाकर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कराने की पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना ने जनपद के स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि क्या मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की जान की सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है? यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी भी दिन कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सीएचसी परिसर की साफ-सफाई कराई जाए और फॉगिंग व एंटी-स्नेक उपायों को सुनिश्चित किया जाए।






