दहशत का दोपहर: कोंच में मुर्गी फार्म के भीतर निकला 7 फुट लंबा विशालकाय कोबरा, मची अफरा-तफरी

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जालौन के कोंच में मुर्गी पालन फार्म से पकड़ा गया 7 फुट लंबा जहरीला काला कोबरा सांप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कोंच(जालौन): उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन के अंतर्गत आने वाले कोंच कस्बे में रविवार की दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मुर्गी पालन फार्म हाउस के भीतर सात फिट लंबा जहरीला कोबरा सांप फन फैलाए बैठा दिखाई दिया। सांप को देखते ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आनन-फानन में विशेषज्ञ को बुलाकर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, तब जाकर स्थानीय निवासियों और फार्म कर्मियों ने राहत की सांस ली।

महेशपुरा रोड स्थित फार्म हाउस की घटना

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना कोंच के सुभाष नगर निवासी संजय निरंजन पुत्र गेंदन के मुर्गी पालन फार्म हाउस की है, जो महेशपुरा रोड पर स्थित है। रविवार दोपहर करीब 1:00 बजे, जब फार्म हाउस पर सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी अचानक परिसर के एक कोने में कर्मचारियों की नजर एक विशालकाय काले सांप पर पड़ी।

​करीब 6 से 7 फुट लंबा यह कोबरा अत्यंत आक्रामक मुद्रा में था। मुर्गियों के शोर और सांप की मौजूदगी ने वहां मौजूद लोगों को भयभीत कर दिया। देखते ही देखते खबर आसपास के इलाके में फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण व स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।

सांप पकड़ने के विशेषज्ञ ने किया रेस्क्यू

​सांप की विशालता और उसके जहरीले स्वभाव को देखते हुए फार्म हाउस मालिक संजय निरंजन ने सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने स्वयं उसे पकड़ने का जोखिम उठाने के बजाय तत्काल क्षेत्रीय सांप विशेषज्ञ जगतराम वर्मा को सूचना दी। सूचना मिलते ही जगतराम वर्मा बिना किसी देरी के अपने उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

​रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कोबरा काफी आक्रामक हो रहा था, जिससे उसे काबू करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। जगतराम वर्मा ने अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हुए करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़कर एक थैले में कैद कर लिया।

जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया कोबरा

​रेस्क्यू के बाद स्थानीय लोगों ने बड़ी राहत महसूस की। विशेषज्ञ जगतराम वर्मा ने बताया कि पकड़ा गया सांप ‘स्पेक्टेकल्ड कोबरा’ प्रजाति का था, जो कि भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक माना जाता है। पकड़ने के बाद सांप को आबादी वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित रूप से घने जंगल में छोड़ दिया गया है, ताकि वन्यजीव और मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बढ़ती गर्मी और आबादी वाले इलाकों में रेंगते खतरे

​स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में तापमान में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण बिलों में गर्मी बढ़ गई है। ठंडी जगह और पानी की तलाश में सांप अब खेतों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों, गोदामों और फार्म हाउसों की ओर रुख कर रहे हैं।

​”गर्मी के मौसम में सांपों का बाहर निकलना सामान्य है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि कहीं भी सांप दिखाई दे, तो उसे मारें नहीं, बल्कि विशेषज्ञ या वन विभाग को सूचित करें।” — जगतराम वर्मा (सांप विशेषज्ञ)

​इस घटना के बाद से महेशपुरा रोड के अन्य फार्म मालिकों और निवासियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अपने घर के आसपास सफाई रखें और झाड़ियों को बढ़ने न दें।

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