​जालौन: खकसीस गांव में दो तेंदुओं की आहट से दहशत, सीसीटीवी में कैद हुए ‘रहस्यमयी जानवर’; वन विभाग ने किया बड़ा खुलासा

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सीसीटीवी फुटेज

कोंच (जालौन): जनपद जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र में इन दिनों जंगली जानवरों का खौफ इस कदर हावी है कि छोटी सी हलचल भी ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा रही है। रवा गांव में करीब 15 दिन पहले आदमखोर तेंदुए की दस्तक और उसके हमले की घटना ने लोगों के मन में ऐसा डर बैठा दिया है कि अब हर जंगली जानवर में उन्हें तेंदुआ ही नजर आ रहा है। ताजा मामला कोंच के खकसीस गांव का है, जहाँ मंगलवार रात दो जंगली जानवरों के दिखने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाई धड़कनें

​घटना खकसीस गांव के निवासी आनंद बिहारी मिश्रा के घर की है, जो महतवानी सड़क मार्ग पर स्थित है। मंगलवार की रात करीब 9:30 बजे, घर के बाहर लगे लगभग 8 फीट ऊंचे लोहे के गेट के ऊपर से दो बड़े जंगली जानवर छलांग लगाकर घर के खुले बरामदे में दाखिल हो गए। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई। जब परिजनों ने फुटेज देखा, तो उन्हें लगा कि यह तेंदुए के शावक या तेंदुए हैं। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और लाठी-डंडों के साथ ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

रात भर चला सर्च ऑपरेशन, पुलिस और वन विभाग अलर्ट

​ग्रामीणों की सूचना पर रेंढर थाना पुलिस और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दहशत को देखते हुए वन विभाग की टीम ने जाल बिछाया और पूरे परिसर की घेराबंदी की। हालांकि, दोनों जानवर बेहद चालाक निकले और जाल में फंसने के बजाय कहीं छिप गए या अंधेरे का फायदा उठाकर निकल गए। पूरी रात गांव के लोग दहशत के साये में लाठियां लेकर पहरा देते रहे और सुरक्षा की गुहार लगाते रहे।

वन विभाग का स्पष्टीकरण: अफवाहों पर लगेगा लगाम

​मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ (DFO) प्रदीप कुमार ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और मौके के निरीक्षण के बाद स्पष्ट किया कि खकसीस गांव में देखे गए जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि ‘जंगली बिल्लियां’ (Jungle Cat) हैं। जंगली बिल्लियां आकार में साधारण पालतू बिल्लियों से काफी बड़ी और फुर्तीली होती हैं, जिन्हें अक्सर लोग दूर से तेंदुआ समझ लेते हैं।

​डीएफओ ने सख्त लहजे में कहा कि रवा गांव वाला तेंदुआ अब क्षेत्र से काफी दूर जा चुका है और बार-बार तेंदुआ होने की अफवाह फैलाना गलत है। विभाग अब उन लोगों को चिन्हित कर नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है जो बिना पुष्टि के सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाकर शांति भंग कर रहे हैं।

रिपोर्ट: मुहम्मद साजिद, जालौन |UP SAMVAD
Source: Local Sources

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